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राज्य के 4 जिलों में फ़ाइलेरिया उन्मूलन में अवरोधक, सहयोगी एवं आगे की रणनीति बनाने पर बैठक का आयोजन

  •  पटना, पुर्णिया, बेगुसराय एवं मोतिहारी जिलों के बारे में की गयी चर्चा  
  • फ़ाइलेरिया मरीजों को दिव्यांगता सर्टिफिकेट दिलाने का करें सामूहिक प्रयास- सिविल सर्जन 
  • एम्स पटना, जिला स्वास्थ्य समिति एवं विमेंस कोलेबोरेटिव फोरम के तत्वावधान में बैठक का हुआ आयोजन 



पटना। राज्य के चार जिलों पटना, पुर्णिया, बेगुसराय एवं मोतिहारी में फ़ाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम में अवरोधक, कार्यक्रम में सहयोगी एवं भविष्य की रणनीति बनाने पर पटना के एक निजी होटल में बैठक का आयोजन किया गया. बैठक का आयोजन एम्स पटना, जिला स्वास्थ्य समिति एवं विमेंस कोलेबोरेटिव फोरम के तत्वावधान में किया गया.

 बैठक में मुख्य अतिथि डॉ. अविनाश कुमार सिंह, सिविल सर्जन पटना, जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. सुभाष चंद्र प्रसाद, एम्स पटना के कम्युनिटी एंड फॅमिली मेडिसिन के विभागाध्यक्ष डॉ. संजय पांडेय, राज्य फ़ाइलेरिया सलाहकार डॉ. अनुज सिंह रावत, पिरामल स्वास्थ्य के स्टेट एनटीडी लीड बासब रूज, विश्व स्वास्थ्य संगठन से डॉ. अरुण कुमार, एम्स पटना के कम्युनिटी एंड फॅमिली मेडिसिन के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संतोष कुमार निराला एवं डॉ. बिजय नंदा नायक, पटना एम्स के सीनियर रेजिडेंट डॉ. दीपिका अग्रवाल, डॉ. वेंकटेश, डॉ. राम्या, पटना डीपीआरओ लोकेश कुमार झा, आईजीआईएमएस से विशेषज्ञ, जिला स्वास्थ्य समिति के पदाधिकारी एवं कर्मी, जिला फ़ाइलेरिया कार्यालय के अधिकारी एवं कर्मी, सीएचओ, आशा कार्यकर्ता, सिफार के प्रतिनिधि, फ़ाइलेरिया मरीज, जीविका, आईसीडीएस तथा ने विभागों के प्रतिनिधि तथा एम्स पटना के कई चिकित्सक मौजूद रहे. 

एमडीए कार्यक्रम का हुआ है साकारात्मक प्रभाव

बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. अविनाश कुमार सिंह, सिविल सर्जन ने कहा कि सभी योग्य फ़ाइलेरिया मरीजों को जांच के बाद जल्द से जल्द दिव्यांगता सर्टिफिकेट दिलाने के लिए सभी प्रयास करें ताकि उन्हें दिव्यांगता पेंशन प्राप्त हो सके. उन्होंने कहा कि एमडीए कार्यक्रम का प्रभाव दीखता है लेकिन अभी और मेहनत करने की जरुरत है. सिविल सर्जन ने कहा कि राज्य की आबादी के 50 फीसदी लोग अपने जीवनकाल में कभी न कभी हाइड्रोसिल से ग्रसित होते हैं और यह फ़ाइलेरिया संक्रमण की वजह से होता है. हमें फ़ाइलेरिया को लेकर समुदाय में व्याप्त भ्रम और ग़लतफ़हमी को दूर करने की जरुरत है. 

दुनिया के 40 फीसदी फ़ाइलेरिया रोगी भारत में

अपने स्वागत संबोधन में एम्स पटना के कम्युनिटी एंड फॅमिली मेडिसिन के विभागाध्यक्ष डॉ. संजय पांडेय ने कहा कि दुनिया के 40 फीसदी फ़ाइलेरिया रोगी अकेले भारत में हैं. राज्य के सभी 38 जिले फ़ाइलेरिया से प्रभावित हैं और इस बैठक का उद्देश्य है कि सभी प्रतिभागी अपनी बात खुलकर सामने रखें. राज्य फ़ाइलेरिया सलाहकार डॉ. अनुज सिंह रावत ने कहा कि बिहार देश का एकमात्र राज्य है जो एमएमडीपी किट में विशेष चप्पल फ़ाइलेरिया मरीजों को देता है. पिरामल स्वास्थ्य के स्टेट एनटीडी लीड बासब रूज ने फ़ाइलेरिया उन्मूलन के लिए अंतर्विभागीय समंवय की जरुरत पर बल दिया. विश्व स्वास्थ्य संगठन के जोनल कोऑर्डिनेटर डॉ. अरुण कुमार ने फ़ाइलेरिया बीमारी एवं इसके उन्मूलन के तकनीकी पहलुओं पर बात की. 

पटना जिले में 1500 हाइड्रोसिल मरीजों का किया जा चुका है ऑपरेशन

बैठक को संबोधित करते हुए जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. सुभाष चंद्र प्रसाद ने कहा कि जिला के 1500 हाइड्रोसिल मरीजों का ऑपरेशन किया जा चुका है और सभी चिन्हित हाइड्रोसिल मरीजों का ऑपरेशन शीघ्र करने का प्रयास है. उन्होंने कहा कि सभी फ़ाइलेरिया मरीजों को एमएमडीपी किट उपलब्ध करायी जाएगी. उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों को कहा की किट देते समय उसके इस्तेमाल का सही तरीका फ़ाइलेरिया मरीजों को दिखाएँ. उन्होंने कहा कि क्रॉस वेलिडेशन के लिए नाईट ब्लड सर्वे में एकत्रित किया गए सैंपल की स्लाइड को अविलंब भेजें.   

बैठक में पैनल डिस्कशन का आयोजन किया गया जिसमे विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि, सहयोगी संस्थानों के प्रतिनिधि, स्वास्थ्य अधिकारी, एवं आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी बात रखी. पैनल डिस्कशन का संचालन विश्व स्वास्थ्य संगठन के जोनल कोऑर्डिनेटर डॉ. अरुण कुमार ने किया. पैनल डिस्कशन के दौरान सिफार के सहयोग से आये फ़ाइलेरिया मर्रेज जीतेन्द्र कुमार एवं बाबु नंद सिंह ने भी फ़ाइलेरिया से अपने संघर्ष की चर्चा की.

डॉ. संतोष कुमार निराला ने बताया कि फाइलेरिया जैसी संक्रामक बीमारी केवल भारत ही नहीं बल्कि विश्व के कई देशों में फैली हुई है. भारत में यह बीमारी 20 राज्यों के 348 जिलों में फैली है. इस रोग को समाप्त करने के लिए समुदाय के बीच मौजूद समस्याओं को समझना और उनका प्रबंधन करना बेहद जरूरी है. इसी उद्देश्य से यह कार्यशाला आयोजित की गई। इसके लिए सभी को अपनी सकारात्मक भूमिका निभानी होगी

एम्स पटना के कम्युनिटी एंड फॅमिली मेडिसिन के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संतोष कुमार निराला ने सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापित कर बैठक का समापन किया. बैठक का संचालन एम्स पटना के कम्युनिटी एंड फॅमिली मेडिसिन के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. बिजय नंदा नायक ने किया.

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