सुपौल। शहर में लगातार बढ़ रही जाम की समस्या को देखते हुए शनिवार को अनुमंडल कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) इंद्रवीर कुमार तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गौरव गुप्ता ने संयुक्त रूप से की। बैठक में नगर परिषद, पुलिस विभाग और ई-रिक्शा संचालक संघ के प्रतिनिधियों समेत सभी संबंधित पक्षकार उपस्थित रहे।
बैठक में एसडीएम ने बताया कि पूर्व में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था, लेकिन अब कई दुकानदार अस्थायी रूप से दुकान के बाहर सामान रखकर पुनः अतिक्रमण कर रहे हैं। नगर परिषद प्रतिनिधि ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि लगातार कार्रवाई की आवश्यकता है।
एसडीएम और एसडीपीओ ने नगर परिषद को निर्देश दिया कि दो से तीन दिनों तक व्यापक प्रचार-प्रसार करें कि यदि कोई दुकानदार दुकान के बाहर सामान रखकर अतिक्रमण करता है, तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा तथा आवश्यक होने पर सामान जप्त भी किया जा सकता है।
यातायात पुलिस ने बताया कि अनियंत्रित तरीके से चल रहे ई-रिक्शा भी जाम का बड़ा कारण हैं। इस पर अधिकारियों ने निर्देश दिए कि नाबालिग चालक यदि ई-रिक्शा चलाते पाए जाते हैं तो ₹25,000 तक का जुर्माना लगाया जाए। बिना नंबर वाले ई-रिक्शा पर भी भारी जुर्माना किया जाएगा। लाइसेंस नहीं रखने पर ₹5,000 तक का जुर्माना तय किया गया।
सड़क पर गलत तरीके से वाहन खड़ा कर यात्रियों को चढ़ाने-उतारने पर अवैध पार्किंग के तहत कठोर कार्रवाई होगी और आवश्यकता पड़ने पर गाड़ी जप्त की जाएगी। बिना इंश्योरेंस और बिना लाइसेंस वाले ई-रिक्शा पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
अधिकारियों ने ई-रिक्शा संघ को निर्देश दिया कि वे सभी चालकों को नियमों की जानकारी दें, अन्यथा मंगलवार के बाद कड़ी कार्रवाई शुरू की जाएगी और इसके लिए चालक स्वयं जिम्मेदार होंगे।
बैठक में यातायात पुलिस उपाधीक्षक कमलेश्वर प्रसाद, यातायात थानाध्यक्ष उपेंद्र प्रसाद, नगर थानाध्यक्ष अनिरुद्ध प्रसाद, नगर परिषद के पदाधिकारी-कर्मी तथा ई-रिक्शा संचालक संघ के प्रतिनिधि मौजूद थे।

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