Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Classic Header

{fbt_classic_header}

Breaking News

latest

मध्य विद्यालय सरायगढ़ में बाल विवाह के विरुद्ध शपथ, शिक्षिका बबीता कुमारी ने की जागरूकता बढ़ाने की पहल



सुपौल। सरायगढ़-भपटियाही प्रखंड क्षेत्र के मध्य विद्यालय सरायगढ़ में शनिवार को चेतना सत्र के दौरान बाल विवाह रोकथाम को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिका बबीता कुमारी ने छात्र-छात्राओं को बाल विवाह के विरुद्ध शपथ दिलाई और इसके दुष्परिणामों पर विस्तृत जानकारी दी।

शिक्षिका ने कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक अभिशाप है, जो विशेष रूप से लड़कियों को शिक्षा से वंचित कर देता है तथा घरेलू हिंसा, गरीबी और शारीरिक-मानसिक कमजोरी जैसी समस्याएँ बढ़ाता है। उन्होंने बताया कि समय से पहले विवाह होने पर कई गंभीर बीमारियों का खतरा भी बना रहता है।

उन्होंने कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़कों का विवाह करना कानूनी अपराध है। इस कानून के अंतर्गत दोषी पाए जाने पर दो साल की सजा और एक लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है।

शिक्षिका बबीता कुमारी ने सभी बच्चों को समझाया कि यदि समाज में कहीं भी बाल विवाह की घटना होती दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत पंचायत के मुखिया या पुलिस प्रशासन को दें। उन्होंने कहा कि इस कुरीति को समाप्त करने के लिए समाज के हर वर्ग के लोगों को आगे आना होगा और अपने बेटे-बेटियों की शादी निर्धारित उम्र के बाद ही करनी चाहिए। कार्यक्रम में विद्यालय के सभी शिक्षक एवं छात्र-छात्राएँ मौजूद थे और उन्होंने बाल विवाह उन्मूलन के लिए जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

कोई टिप्पणी नहीं