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जनता के जीवन को आसान बनाने के लिए सुपौल जिला प्रशासन का बड़ा कदम



सुपौल। आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और प्रशासन को अधिक संवेदनशील व जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से सुपौल जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण आदेश को प्रभावी कर दिया है। यह आदेश बिहार सरकार के सात निश्चय-3 के सातवें निश्चय “सबका सम्मान, जीवन आसान (Ease of Living)” के तहत लागू किया गया है।

मुख्य सचिव, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार पटना के पत्रांक-3/C.S./M-27/2018-83 दिनांक 09 जनवरी 2026 के आलोक में राज्य के सभी नागरिकों के दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों को कम करने हेतु प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं।

जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार 19 जनवरी 2026 से प्रत्येक सप्ताह के दो कार्यदिवस—सोमवार एवं शुक्रवार—को सभी कार्यालय प्रधान अपने कार्यालय कक्ष में आमजनों से सीधे मिलेंगे। इस दौरान वे सम्मानपूर्वक व्यवहार करते हुए जनता की शिकायतों को सुनेंगे और उनका त्वरित एवं संवेदनशीलता के साथ समाधान सुनिश्चित करेंगे।

यदि किसी अपरिहार्य कारणवश कार्यालय प्रधान उपस्थित नहीं रहते हैं, तो उनके स्थान पर किसी वरीय पदाधिकारी को अधिकृत किया जाएगा, ताकि जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके साथ ही सभी सरकारी कार्यालयों में आगंतुकों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था, पेयजल एवं शौचालय की सुविधा अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

प्राप्त शिकायतों के पंजीकरण हेतु पंजी (रजिस्टर) संधारित किया जाएगा तथा उनके निपटान की सतत निगरानी की जाएगी। इस आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सभी कार्यालय प्रधानों को आदेश ज्ञापांक 111-1/गो० दिनांक 16 जनवरी 2026 के माध्यम से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

जिला स्तर पर यह भी व्यवस्था की गई है कि जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में उप विकास आयुक्त तथा उनकी भी अनुपस्थिति में अपर समाहर्त्ता आमजनों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनेंगे।

जिला प्रशासन के इस निर्णय से आम जनता को अब अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता, संवेदनशीलता एवं जवाबदेही और अधिक मजबूत होगी।

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