सुपौल। मुख्यालय स्थित पब्लिक लाइब्रेरी क्लब के सभागार में बुधवार को महान स्वतंत्रता सेनानी जुब्बा सहनी का 82वां शहादत दिवस श्रद्धा, सम्मान और गौरव के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नितीश कुमार मुखिया ने की। इस अवसर पर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं शहीद के अनुयायी उपस्थित हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत अमर शहीद जुब्बा सहनी के चित्र पर पुष्पांजलि और माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। उपस्थित लोगों ने उनके बलिदान को नमन करते हुए देशभक्ति के नारों के बीच उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। पूरे कार्यक्रम का माहौल देशभक्ति और सम्मान की भावना से ओत-प्रोत रहा।
वक्ताओं ने कहा कि जुब्बा सहनी का जीवन देशभक्ति, साहस और त्याग की अमर गाथा है। उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ संघर्ष करते हुए अपने प्राणों की आहुति देकर देशवासियों को स्वतंत्रता की राह दिखाई। उनका बलिदान आज भी नई पीढ़ी को राष्ट्रसेवा और सामाजिक न्याय के लिए प्रेरित करता है।
सभा में वक्ताओं ने यह मांग भी उठाई कि सुपौल जिले के मुख्य चौराहे पर अमर शहीद जुब्बा सहनी की आदमकद प्रतिमा स्थापित की जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके बलिदान को याद रखें और उनसे प्रेरणा ले सकें।
सभा को संबोधित करते हुए आलमनगर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी नवीन निषाद, सुपौल नगर परिषद के मुख्य पार्षद राघवेंद्र झा, प्रोफेसर रामचंद्र मंडल, रामनाथ मंडल, लाल मुखिया, छेदी मुखिया, लक्ष्मण मुखिया, मिथुन मुखिया, मनोज मुखिया, फुलदव मुखिया, रविंद्र मुखिया, रामसेवक मुखिया, विनोद मुखिया, प्रमोद यादव, दिवाकर कुमार, मनोज यादव, अब्दुल कैस, उमेश कुमार मुखिया, राजेश मुखिया, रतन मुखिया सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि अमर शहीद जुब्बा सहनी का बलिदान देश के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है और उनके आदर्शों को अपनाकर ही समाज और राष्ट्र को आगे बढ़ाया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने शहीद की स्मृति को जीवित रखने तथा उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

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