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सदर प्रखंड में पंचायत समिति की बैठक सम्पन्न, बिजली, नल-जल व खाद्य आपूर्ति पर हुई समीक्षा



सुपौल। सदर प्रखंड सभागार में पंचायत समिति सदस्यों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख निरंजना देवी ने की। बैठक की शुरुआत पिछली बैठक में लिए गए प्रस्तावों को पढ़कर सुनाने के साथ हुई, जिसके बाद विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा की गई।

बैठक में खाद्य आपूर्ति, मनरेगा, विद्युत, कृषि, मध्याह्न भोजन (एमडीएम) एवं नल-जल योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई और लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए।

बिजली आपूर्ति को लेकर जनप्रतिनिधियों ने परसरमा एवं हरदी फीडर क्षेत्र की समस्याएं उठाईं। इस पर संबंधित कनीय अभियंता (जेई) ने बताया कि कई समस्याओं का समाधान कर लिया गया है और शेष कार्य जल्द पूरे किए जाएंगे।

कृषि से जुड़े मुद्दों पर जनप्रतिनिधियों ने हाल ही में आए आंधी-तूफान से फसलों को हुए नुकसान के सही सर्वे नहीं होने पर नाराजगी जताई। इस पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने जानकारी दी कि अधिकांश पंचायतों में सर्वे पूरा हो चुका है और बाकी क्षेत्रों में जल्द सर्वे कराया जाएगा।

बैठक में नल-जल योजना के अधूरे कनेक्शन पर भी नाराजगी व्यक्त की गई। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि कई पंचायतों में अब भी लोगों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। वहीं खाद्य आपूर्ति व्यवस्था को लेकर बीएसओ से शिकायत की गई कि डीलरों द्वारा लाभार्थियों को कम अनाज दिया जा रहा है, जिस पर सख्त कार्रवाई की मांग उठी।

बैठक को संबोधित करते हुए वीडीओ कृष्णा कुमारी ने कहा कि पिछले बैठक के प्रस्तावों की समीक्षा कर संबंधित विभागों को समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने विकास कार्यों में जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील की।

इसके अलावा सहकारिता विभाग को समिति के नए सदस्य बनाने की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि इच्छुक लोग ऑनलाइन माध्यम से सदस्य बन सकते हैं।

बैठक में विधायक प्रतिनिधि जितेंद्र कुमार सिंटू, उप प्रमुख, मुखिया राजेश कुमार चौधरी, तुलाई पासवान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कनीय अभियंता, बैंक प्रतिनिधि एवं अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

बैठक के अंत में जनप्रतिनिधियों ने सभी प्रस्तावों के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि योजनाओं की सही जानकारी लाभार्थियों तक पहुंचाना आवश्यक है, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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