- 48 गैस एजेंसियों पर सिलेंडर उपलब्ध, नियंत्रण कक्ष स्थापित; कालाबाजारी पर तीन FIR दर्ज
सुपौल। मध्य पूर्व में जारी युद्ध के कारण LPG गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच जिला प्रशासन, सुपौल पूरी तरह सतर्क हो गया है। प्रशासन ने गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक निगरानी व्यवस्था लागू की है।
जिला प्रशासन के अनुसार जिले की 51 गैस एजेंसियों के पास वर्तमान में करीब 12,678 घरेलू LPG सिलेंडरों का स्टॉक उपलब्ध है, जबकि 4,919 अतिरिक्त सिलेंडर शनिवार को प्राप्त होने की संभावना है। शुक्रवार (17 जुलाई) को 6,431 उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई। फिलहाल 14,678 उपभोक्ताओं की बुकिंग लंबित है और जिले में प्रतिदिन औसतन 5,659 घरेलू LPG सिलेंडरों का वितरण किया जा रहा है।
प्रशासन ने बताया कि जिले की 51 में से 48 गैस एजेंसियों पर फिलहाल LPG सिलेंडर उपलब्ध हैं, जबकि शेष 3 एजेंसियों को जल्द ही आपूर्ति मिलने की उम्मीद है। शनिवार को अब तक 12 गैस एजेंसियों का निरीक्षण किया गया है। इसके अलावा 15 होटल एवं अन्य प्रतिष्ठानों में घरेलू गैस सिलेंडर के व्यावसायिक उपयोग की जांच के लिए छापेमारी भी की गई है।
पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता बनाए रखने के लिए पेट्रोल पंपों का भी औचक निरीक्षण किया जा रहा है। अब तक एक पेट्रोल पंप की जांच की गई है और तेल कंपनियों के साथ समन्वय बनाकर नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं।
स्थिति की निगरानी के लिए समाहरणालय स्थित जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय में जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नंबर 06473-224005 है। 18 जुलाई को यहां दो शिकायतें/सूचना संबंधी कॉल प्राप्त हुईं, जिनका तत्काल समाधान कर दिया गया।
जिला प्रशासन ने बताया कि घरेलू LPG के व्यावसायिक उपयोग और कालाबाजारी के आरोप में अब तक जिले में तीन प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। अनियमितता पाए जाने पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि घबराकर गैस या पेट्रोलियम उत्पादों का अनावश्यक भंडारण न करें। साथ ही, जहां संभव हो वहां वैकल्पिक ईंधन एवं परिवहन साधनों का उपयोग करें, ताकि ईंधन की बचत हो और सभी उपभोक्ताओं को नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
गैस संबंधी किसी भी समस्या के समाधान के लिए उपभोक्ता कॉमन इमरजेंसी हेल्पलाइन 1906 के अलावा संबंधित तेल कंपनियों के टोल-फ्री नंबरों पर भी संपर्क कर सकते हैं। जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि गैस एवं पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए तेल एवं गैस विपणन कंपनियों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।

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