सुपौल। अभी आने वाले कुछ दिनों में विवाह का लग्न एवं 10 मई को अक्षय तृतीया के अवसर पर संभावित बाल विवाह को रोकने के संबंध में अनुमंडल स्तर पर अनुमंडल पदाधिकारी सह बाल विवाह निषेध पदाधिकारी इंद्रवीर कुमार, एसडीपीओे आलोक कुमार तथा जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक देवेश कुमार की मौजूदगी में एसडीएम वेश्म में बैठक हुई। बैठक में सभी बीडीओ सह सहायक बाल विवाह निषेध पदाधिकारी, सभी थाना अध्यक्ष, श्रम विभाग के कर्मी बाल विकास परियोजना कार्यालय के पदाधिकारी व कर्मी उपस्थित थे। एसडीएम श्री कुमार ने कहा कि अभी आने वाले कुछ दिनों में विवाह हेतु लग्न होने तथा 10 मई 2024 को अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह की संभावना बढ़ जाती है। इसके कारण बाल विवाह जैसे गंभीर अपराध एवं सामाजिक कुरीति को दूर करने में सफलता प्राप्त नहीं होती है। महिला एवं बाल विकास निगम के निर्देशानुसार पंचायत में मुखिया एवं पंचायत के प्रतिनिधियों की बाल विवाह को रोकने के संबंध में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सभी जन प्रतिनिधियों का महत्वपूर्ण दायित्व है कि बाल विवाह के दुष्परिणामों से सभी को अवगत कराएं। सभी पदाधिकारी से अपील की गई कि वह पंचायत स्तर पर वार्ड स्तर पर इस जागरूकता को फैलाएं एवं इस कुरीति को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं थाना अध्यक्ष को निर्देश दिया गया कि स्थानीय स्तर पर सूचना प्राप्त होते ही बाल विवाह को रोकने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। बाल विवाह एक दण्डनीय अपराध है एवं इसमें शामिल सभी लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। सभी लोगों से अपील की गई कि किसी भी परिस्थिति में आने वाले लग्न के दिनों में किसी भी परिस्थिति में बाल विवाह नहीं होनी चाहिए।
अक्षय तृतीया के अवसर पर संभावित बाल विवाह को रोकने को लेकर हुई बैठक
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