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बाल विवाह के प्रति छात्राओं को किया गया जागरूक, उत्कृष्ट प्रतिभागियों को मिला सम्मान

 


सुपौल। महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार, पटना के तत्वावधान में संचालित जिला हब फॉर इम्पावरमेंट ऑफ वीमेन (DHEW), सुपौल द्वारा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ (BBBP) योजना के अंतर्गत शुक्रवार को सदर प्रखंड स्थित राजकीय कन्या मध्य विद्यालय में "सखी वार्ता" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्राओं को बाल विवाह, बालिका शिक्षा, लैंगिक समानता, महिला सुरक्षा एवं उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में बालिकाओं को बाल विवाह के दुष्परिणामों की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया गया कि कम उम्र में विवाह से उनकी शिक्षा बाधित होती है, स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है तथा उनके सर्वांगीण विकास में रुकावट आती है। छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और किसी भी समस्या की स्थिति में संबंधित विभागों एवं हेल्पलाइन की सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया।

बालिकाओं की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पेंटिंग, नृत्य एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में छात्राओं ने बालिका शिक्षा, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विवाह उन्मूलन जैसे विषयों पर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत मेडल देकर सम्मानित किया गया। नृत्य प्रतियोगिता में जोया प्रवीण एवं साक्षी कुमारी, पेंटिंग प्रतियोगिता में अंजली कुमारी एवं स्मृति कुमारी तथा भाषण प्रतियोगिता में आराध्या चौधरी को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर जिला मिशन समन्वयक हरि नारायण कुमार ने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना का उद्देश्य केवल बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित, आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाना भी है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने में समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

केंद्र प्रशासक कुमारी प्रतिभा ने कहा कि बाल विवाह बालिकाओं के शिक्षा, स्वास्थ्य, आत्मसम्मान और उज्ज्वल भविष्य पर गंभीर प्रभाव डालता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बालिका को अपने सपनों को पूरा करने का अधिकार है और 18 वर्ष से कम आयु में विवाह नहीं होना चाहिए। यदि कहीं बाल विवाह की सूचना मिले तो इसकी जानकारी तत्काल प्रशासन, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 अथवा संबंधित अधिकारियों को देकर इसे रोका जा सकता है।

कार्यक्रम में लैंगिक विशेषज्ञ नीतू कुमारी, मोहम्मद तारीक सिद्दीकी, सौरभ कुमार, विद्यालय की शिक्षिकाओं एवं बड़ी संख्या में छात्राओं ने भाग लिया। अंत में सभी छात्राओं को शिक्षा, समान अवसर, आत्मनिर्भरता तथा बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दिलाया गया।

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