सुपौल। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जिला प्रशासन के द्वारा क्षेत्र में जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। ताकि अधिक से अधिक मतदान हो, इसको लेकर जगह-जगह लोगों को जागरूक कर रहे हैं। लेकिन मरौना प्रखंड क्षेत्र के सरोजा बेला पंचायत स्थित वार्ड नंबर 07 के नुनिया टोला में लोगों के द्वारा गांव में सड़क नहीं बनाए जाने को लेकर शुक्रवार को काफी आक्रोशित हुए। लिहाजा गांव के सड़क किनारे बास बल्ले के सहारे एक बैनर लटका दिया गया और उसमें लिखा था कि 'रोड नही तो वोट नहीं', 'प्रवेश निषेध' आगे लिखा था कि 'पिछले 75 वर्षों से आपके द्वारा किए गए विकासात्मक कार्यों से क्षेत्र की जनता घन्य हो चुकी है। आपसे निवेदन है कि विकास के नाम पर वोट मांग कर अपना और हमारा समय नष्ट न करे। गांव के अंदर किसी भी दल के नेता और उनके कार्यकर्ताओं को आना मना है'।
ग्रामीण मनोज कुमार सिंह, दिलीप सिंह, धर्मेंद्र सिंह, जागेश्वर सिंह, महेंद्र सिंह, पृथ्वी सिंह, गोपाली सिंह, अनिरुद्ध सिंह, संतोष कुमार, नागेंद्र सिंह सहित अन्य लोगों का कहना है कि पिछले 75 सालों में मरौना में सैकड़ों सड़क, पुल-पुलिया बनी है। सरोजा बेला पंचायत के वार्ड नंबर 07 नुनिया टोला में आज तक किसी पदाधिकारी व जनप्रतिनिधि के द्वारा एक सड़क का निर्माण नहीं कराया गया है। जिसको लेकर ग्रामीणों को काफी परेशानी होती हैं। मालूम हो कि निर्मली-मरौना मुख्य सड़क स्थित सिमराहा गांव से मैनही सीमा को जोड़ने वाली सड़क का हाल बेहाल है। लिहाजा उक्त सड़क मार्ग से लोगों को आने-जाने में काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। उक्त सड़क विकास के इस दौर में अपने हाल पर आंसू बहा रहा है। हालत यह है कि उक्त सड़क मार्ग से पैदल चलने से भी लोग कतराते हैं। खास बात यह है कि उक्त गांव लोगों का मुख्य पेशा सब्जी की खेती कर उपार्जन करना है। ग्रामीणों का कहना है कि लोग लाखों रुपये खर्च कर सब्जी की खेती करते हैं। लेकिन गांव में सड़क नहीं रहने के कारण वहां तक व्यापारी नहीं पहुंच पा रहे हैं। जिसको लेकर वे लोग अपना सामान औने-पौने दामों पर बेचने पर मजबूर हो जाते हैं। सड़क नहीं रहने के कारण बरसात के समय काफी कठिनाई होती है। कई बूढ़े बुजुर्ग फिसल कर गिरने से चोटिल हो जाते हैं। चार चक्का वाहन तो दूर की बात है दो पहिया वाहन भी ले जाना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि लोग अच्छे नेता देश से लेकर गांव के विकास के लिए चुनते है। जब विकास ही नहीं तो फिर वोट किसलिये। इधर सूचना मिलने पर मरौना बीडीओ रचना भारतीय व नदी थानाध्यक्ष राजू कुमार उक्त स्थल पर पहुंचे। जहा लोगों को बीडीओ के द्वारा समझाया गया। जिसके बाद लोग बोर्ड को हटा दिया गया।


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