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फाइलेरिया से बचाव के लिए जरूर खाएं दवा : जिलाधिकारी

  •  बूथ स्तर पर खिलाई जा रही है दवा,17 दिन तक चलेगा सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम
 सुपौल। लोगों को फाइलेरिया से सुरक्षित रखने और बचाव के लिए जिले में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम का शुभारंभ किशनपुर प्रखंड के अंदौली पंचायत के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में दीप प्रज्वलित कर एवं बच्चों को दवा खिलाकर की गई। मौके पर जिलाधिकारी डॉ कौशल कुमार व सिविल सर्जन डॉ ललन कुमार ठाकुर उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने लोगों से अपील किया की फाइलेरिया या हाथी पांव कुरूपता और अपंगता की बीमारी है। इससे बचाव का सबसे सरल और आसान उपाय है कि साल में एक बार चलने वाले मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) राउंड के दौरान पांच साल तक लगातार फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन किया जाए। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की टीम जब किसी के घर जाए तो उसके सामने दवा का सेवन अवश्य करें। सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम (एमडीए) का आयोजन अगले 17 दिन तक किया जाएगा। जिसमें तीन दिन बूथ स्तर पर तथा 14 दिन घर-घर जाकर लोगों को दवा खिलाई जाएगी। कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन में आइसीडीएस, जीविका,शिक्षा, पंचायतीराज, नगर निकाय एवं अन्य विभागों के अलावे विश्व स्वास्थ्य संगठन, पिरामल,पीसीआइ और सीफार जैसी स्वयंसेवी संस्थाएं भी स्वास्थ्य विभाग को सहयोग प्रदान कर रही हैं। 
     क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होने वाला एक गंभीर संक्रामक बीमारी है फाइलेरिया
कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ ठाकुर ने बताया फाइलेरिया क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होने वाला एक गंभीर संक्रामक बीमारी है। जिसे आमतौर पर हाथी पांव भी कहा जाता है। कोई भी व्यक्ति किसी भी उम्र में फाइलेरिया से संक्रमित हो सकता है। फाइलेरिया के प्रमुख लक्षण हाथ और पैर या हाइड्रोसिल (अण्डकोष) में सूजन का होना होता है। प्रारंभिक अवस्था में इसकी पुष्टि होने के बाद जरूरी दवा सेवन से इसे रोका जा सकता है। इसके लिए लोगों में जागरूकता की आवश्यकता है।
  इस प्रकार करना है दवा का सेवन
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ दीप नारायण ने बताया कि फाइलेरिया उन्मूलन सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम में 02 वर्ष से 05 वर्ष के बच्चों को डीईसी तथा अल्बेंडाजोल की एक गोली, 06 वर्ष से 15 वर्ष तक के लोगों को डीईसी की दो तथा अल्बेंडाजोल की एक गोली एवं 15 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों को डीईसी की तीन तथा अल्बेंडाजोल की एक गोली खिलाई जाएगी। लोगों द्वारा अल्बेंडाजोल का सेवन आशा की उपस्थिति में चबाकर किया जाना है। कार्यक्रम में छूटे हुए घरों में आशा कर्मियों द्वारा पुनः भ्रमण कर दवा खिलाई जाएगी।उन्होंने बताया 02 साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, प्रसव पश्चात सात दिनों तक और गंभीर रोग से पीड़ित व्यक्तियों को दवा नहीं खिलाई जानी है। मौके पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक, एमओआईसी, बीसीएम पिरामल से मन्नू कुमारी,भीडीसीओ विपिन पीसीआई के जिला कोऑर्डिनेटर प्रिंस कुमार सहित अन्य कर्मी उपस्थित थे।



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