सुपौल। त्रिवेणीगंज मुख्यालय स्थित अनूपलाल यादव महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय इकाई के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर पराक्रम दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन चयनित ग्राम नगर परिषद लतौना उत्तर, दलित बस्ती, वार्ड संख्या 20 में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. हेमंत कुमार की अध्यक्षता में किया गया।
कार्यक्रम में एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी सह जिला नोडल पदाधिकारी प्रो. विद्यानंद यादव, महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, शिक्षकेतर कर्मचारी एवं एनएसएस के स्वयंसेवक शामिल हुए। इस अवसर पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पित कर उन्हें नमन किया गया।
अपने संबोधन में प्राचार्य डॉ. हेमंत कुमार ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को वर्तमान उड़ीसा के कटक शहर में हुआ था। वे महान राष्ट्रवादी स्वतंत्रता सेनानी एवं आज़ाद हिंद फौज के संस्थापक थे। उनके जन्मदिवस को पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाता है। आज उनकी 129वीं जयंती है। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। वे सच्चाई, कर्तव्य और बलिदान की मिसाल थे। नेताजी के व्यक्तित्व और आदर्शों का अनुसरण किए बिना विकसित राष्ट्र की कल्पना संभव नहीं है।
एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो. विद्यानंद यादव ने कहा कि किसी भी राष्ट्र का विकास उसके नेताओं के कुशल नेतृत्व, सच्ची भावना, अदम्य साहस और निस्वार्थ सेवा पर निर्भर करता है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की इन्हीं विशेषताओं को सम्मान देने के लिए भारत सरकार ने वर्ष 2021 से प्रत्येक वर्ष 23 जनवरी को उनके जन्मदिवस को पराक्रम दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की है, ताकि विशेष रूप से युवाओं को प्रेरित किया जा सके।
उन्होंने नेताजी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनके पिता जानकीनाथ बोस कटक के प्रसिद्ध वकील थे तथा माता का नाम प्रभावती देवी था। नेताजी स्वामी विवेकानंद के विचारों से अत्यंत प्रभावित थे। उन्होंने 1928 में साइमन कमीशन का विरोध किया और “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा” तथा “जय हिंद” जैसे नारों से देशवासियों में जोश भर दिया। वर्ष 1939 में उन्होंने फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना की। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उन्हें 11 बार जेल जाना पड़ा। उनके पराक्रम को अंग्रेज सरकार सहित पूरा विश्व मानता था।
कार्यक्रम में प्रो. अरुण कुमार, प्रो. तरुण कुमार सिंह, द्वितीय इकाई की कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो. कुमारी पूनम, तृतीय इकाई के कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो. शंभू यादव सहित अन्य शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी सुरेंद्र कुमार, भूषण कुमार, दिलीप दिवाकर, गगन कुमार, दिग्दर्शन, रंजन कुमार आदि उपस्थित थे। वहीं एनएसएस स्वयंसेवकों में आस्था कुमारी, सिमरन गोयल, मिनटी कुमारी, दिव्या कुमारी, मुस्कान कुमारी, जिया सिंह, संत कुमार, अभिनव कुमार, कौशल कुमार, सागर कुमार, शिव कुमार, सुमन कुमारी, सरिता कुमारी, चंचल कुमारी, शबनम कुमारी सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक शामिल हुए।

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