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| AI निर्मित तस्वीर |
सुपौल (06 मई 2026)। सुपौल जिला प्रशासन ने रसोई गैस (एलपीजी) की संभावित कमी को देखते हुए व्यापक तैयारियां की हैं। जिला प्रशासन ने वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के रूप में कोयला आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
जिला प्रशासन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 और अन्य प्रावधानों के तहत जिला प्रशासन ने एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। वाणिज्यिक गैस (बुकिंग) सिलेंडरों की आपूर्ति बढ़ा दी गई है। साथ ही शादी, मुंडन, उपनयन जैसे सामाजिक-धार्मिक कार्यक्रमों के लिए भी वाणिज्यिक गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
मुख्य तथ्य:
• जिले में कुल 51 गैस एजेंसियों के पास लगभग 11,573 गैस सिलेंडरों का भंडार उपलब्ध है।
• 5 मई 2026 को लगभग 6,341 उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर वितरित किए गए।
• अब तक 23,841 उपभोक्ताओं को बुकिंग आधार पर गैस की आपूर्ति की जा चुकी है।
• जिले में प्रतिदिन औसतन 5,675 घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का वितरण किया जा रहा है।
• 51 गैस एजेंसियों में से 48 पर एलपीजी उपलब्ध है। शेष एजेंसियों पर भी शीघ्र आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
जिला प्रशासन ने सीमा क्षेत्रों में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति पर भी सतर्क नजर रखी हुई है। पांच किलो के सिलेंडर आसानी से और बिना पते के प्रमाण के छात्रों, युवा पेशेवरों तथा प्रवासी श्रमिकों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
हेल्पलाइन नंबर जारी
उपभोक्ता अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इन टोल-फ्री नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:
सामान्य आपातकालीन हेल्पलाइन : 1906
आईओसीएल : 1800-2333-555
बीपीसीएल : 1800-22-4344
एचपीसीएल : 1800-2333-555
जिला नियंत्रण कक्ष : 06473-224005
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एलपीजी, पेट्रोल तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं है और सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चल रही हैं। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और आवश्यकता पड़ने पर आधिकारिक चैनलों से संपर्क करें। यह प्रेस विज्ञप्ति जिला प्रशासन द्वारा जनमानस को आश्वस्त करने और पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से जारी की गई है।

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