सुपौल। जिला प्रशासन द्वारा आम जनमानस की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रसोई गैस की संभावित कमी से निपटने के लिए व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं। विभागीय निर्देशों के आलोक में आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत वैकल्पिक ऊर्जा के रूप में जन वितरण प्रणाली दुकानों के माध्यम से कुकिंग कोयला उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके लिए सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों से आवंटन की मांग की गई है, वहीं थोक विक्रेताओं के चयन हेतु आवेदन भी आमंत्रित किए गए हैं।
इससे पहले जिला प्रशासन द्वारा वैवाहिक कार्यक्रमों में उपयोग के लिए वाणिज्यिक LPG की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जा रही थी। अब इस व्यवस्था का विस्तार करते हुए श्राद्ध, मुंडन, उपनयन एवं अन्य सामाजिक-धार्मिक आयोजनों के लिए भी वाणिज्यिक गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके लिए कैटरर्स और रसोइयों को संबंधित तेल कंपनियों में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा, जिसकी प्रक्रिया 5 से 7 दिनों में पूरी की जाएगी। कार्यक्रम आयोजकों को आवश्यक सिलेंडरों की संख्या और अनुमानित भीड़ का विवरण देते हुए अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन देना होगा।
सीमावर्ती क्षेत्रों में गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पड़ोसी देश में ईंधन की कमी और मूल्य अंतर के कारण संभावित प्रभाव को देखते हुए प्रशासन सतर्क है। जिले में वर्तमान में 51 गैस एजेंसियों के पास 11,573 सिलेंडरों का भंडार उपलब्ध है, जबकि 5,386 नए सिलेंडरों की आपूर्ति होने की संभावना है। बीते दिन 6,341 उपभोक्ताओं को गैस वितरित की गई, जबकि 23,841 उपभोक्ताओं की बुकिंग लंबित है। प्रतिदिन औसतन 5,675 उपभोक्ताओं को घरेलू गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। 51 में से 48 एजेंसियों पर फिलहाल गैस उपलब्ध है, जबकि शेष तीन एजेंसियों पर जल्द आपूर्ति होने की उम्मीद है।
प्रशासन द्वारा लगातार जांच अभियान भी चलाया जा रहा है। अब तक 15 गैस एजेंसियों और 18 होटलों/प्रतिष्ठानों की जांच की गई है। घरेलू गैस के वाणिज्यिक उपयोग और कालाबाजारी के आरोप में तीन प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इसके अलावा, पांच किलो के छोटे सिलेंडर छात्रों, प्रवासी श्रमिकों और युवा पेशेवरों को बिना पते के प्रमाण के आसानी से उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
समाहरणालय स्थित जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जिसका दूरभाष नंबर 06473-224005 है। 24×7 हेल्पलाइन नंबर 1906 के अलावा IOCL, BPCL और HPCL के टोल फ्री नंबरों पर भी उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आवश्यक वस्तुओं, LPG, पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। कालाबाजारी और जमाखोरी पर रोक लगाने के साथ-साथ आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है।

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