सुपौल। जिले में एलपीजी गैस की आपूर्ति को लेकर फैली अफवाहों के बीच मंगलवार को जिलाधिकारी सावन कुमार एवं पुलिस अधीक्षक शरथ आर.एस. की संयुक्त अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस दौरान प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिले में घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है।
जिलाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि सुपौल जिले में इंडेन की 16, एचपी की 26 तथा भारत गैस की 9 एजेंसियां कार्यरत हैं, यानी कुल 51 गैस एजेंसियों के माध्यम से उपभोक्ताओं को सेवा दी जा रही है। जिले में कुल 5,10,823 उपभोक्ता हैं, जिनके लिए प्रतिदिन लगभग 5900 एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है। सभी एजेंसियों द्वारा बुकिंग के आधार पर नियमित रूप से गैस वितरण किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा गैस आपूर्ति की निगरानी के लिए प्रखंड स्तर पर दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, थाना अध्यक्ष एवं संबंधित अधिकारी लगातार उठाव और वितरण पर नजर बनाए हुए हैं। कहीं भी अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में राघोपुर प्रखंड के मेसर्स रत्ना इंडेन ग्रामीण वितरक के गोदाम में अनियमितता पाए जाने पर उसे सील कर दिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
प्रशासन के अनुसार, वर्तमान में जिले की 51 गैस एजेंसियों में से 42 एजेंसियों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, जबकि शेष 9 एजेंसियों में भी आज शाम तक आपूर्ति हो जाने की संभावना है। अफवाहों के कारण उपभोक्ताओं द्वारा एक साथ अधिक सिलेंडर की मांग किए जाने से कुछ जगहों पर अस्थायी कमी देखी जा रही है, लेकिन स्थिति जल्द ही सामान्य हो जा रही है।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और किसी प्रकार के आपूर्ति संकट की संभावना नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे घबराकर अतिरिक्त सिलेंडर न लें और अफवाहों से बचें।
इसके साथ ही समाहरणालय परिसर स्थित जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय में एलपीजी गैस की निगरानी के लिए जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। नियंत्रण कक्ष का दूरभाष संख्या 06473-224005 है। अब तक यहां 12 शिकायतें एवं सूचनाएं प्राप्त हुई हैं, जिनका निष्पादन कर दिया गया है।

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