- बस स्टैंड एवं समाहरणालय परिसर में हुआ कार्यक्रम, मुफ्त चश्मा वितरण की घोषणा
सुपौल। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, वाहन चालकों की दृष्टि क्षमता को सुदृढ़ करने तथा सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बिहार सरकार द्वारा संचालित “सड़क सुरक्षा माह–2026” के अंतर्गत आज सुपौल जिला प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण जनहितकारी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जिला परिवहन कार्यालय, सुपौल के तत्वावधान में यह कार्यक्रम बस स्टैंड, सुपौल तथा समाहरणालय परिसर दोनों स्थानों पर आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में वाहन चालकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. जाहिद अख्तर, नेत्र रोग विशेषज्ञ एवं श्री प्रमोद कुमार, नेत्र सहायक, सदर अस्पताल सुपौल द्वारा वाहन चालकों की आंखों की विस्तृत जांच की गई।
नेत्र परीक्षण के दौरान चालकों की दृष्टि क्षमता, दूर एवं पास देखने की स्थिति, आंखों से संबंधित प्रारंभिक समस्याओं की पहचान कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया गया।
नेत्र जांच के उपरांत जिन वाहन चालकों को चिकित्सक द्वारा चश्मा लिखित रूप में परामर्शित किया गया है, उनका चश्मा जिला परिवहन कार्यालय, सुपौल द्वारा बनवाकर निःशुल्क वितरित किया जाएगा।यह व्यवस्था विशेष रूप से उन चालकों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी जो आर्थिक कारणों से नियमित नेत्र जांच या चश्मा बनवाने में असमर्थ रहते हैं।
मुफ्त नेत्र जांच शिविर एवं मुफ्त चश्मा वितरण की इस पहल को वाहन चालकों द्वारा काफी सराहा गया।चालकों ने जिला प्रशासन एवं जिला परिवहन कार्यालय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल न केवल उनके स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में भी सहायक सिद्ध होगी।
विशेषज्ञों के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में कमजोर दृष्टि एक महत्वपूर्ण कारण है। समय पर नेत्र जांच नहीं होने के कारण चालक अनजाने में जोखिमपूर्ण स्थिति में वाहन चलाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है।
जिला प्रशासन ने अपील की है कि सभी वाहन चालक समय-समय पर अपनी आंखों की जांच कराएं तथा यातायात नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित वाहन संचालन सुनिश्चित करें।

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