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त्रिवेणीगंज : अनूपलाल यादव महाविद्यालय में गांधी जी की पुण्यतिथि पर शहादत दिवस का हुआ आयोजन

 


सुपौल। त्रिवेणीगंज अनुमंडल मुख्यालय स्थित अनूपलाल यादव महाविद्यालय, त्रिवेणीगंज में शुक्रवार को राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय इकाई के तत्वावधान में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर शहादत दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. हेमंत कुमार ने की, जबकि आयोजन एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी सह जिला नोडल पदाधिकारी प्रो. विद्यानंद यादव के नेतृत्व में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. हेमंत कुमार ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि प्रत्येक वर्ष 30 जनवरी को पूरे देश में शहादत दिवस के रूप में मनाई जाती है। इस दिन उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है, जिन्होंने देश की आज़ादी और जनकल्याण के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का सबसे बड़ा नाम हैं, जिन्हें राष्ट्रपिता की उपाधि दी गई। सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर उन्होंने भारत को आज़ादी दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

प्राचार्य ने कहा कि गांधी जी भारत को एक धर्मनिरपेक्ष एवं अहिंसक राष्ट्र के रूप में देखना चाहते थे, जिसके लिए उन्हें आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा। दुर्भाग्यवश 30 जनवरी 1948 को 78 वर्ष की आयु में नई दिल्ली स्थित बिड़ला भवन में सायं प्रार्थना सभा के दौरान नाथूराम गोडसे द्वारा उनकी हत्या कर दी गई। इसलिए प्रत्येक वर्ष 30 जनवरी को उन्हें श्रद्धापूर्वक स्मरण किया जाता है।

एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो. विद्यानंद यादव ने कहा कि गांधी जी का जीवन “सादा जीवन, उच्च विचार” की भावना से प्रेरित था। वे अल्लाह और ईश्वर में कोई भेद नहीं मानते थे और “अल्लाह-ईश्वर तेरो नाम, सबको सन्मति दे भगवान” के विचार को आत्मसात करते थे। उन्होंने “वैष्णव जन तो तेने कहिए, जो पीर पराई जाने रे” और “एकला चलो रे” जैसे विचारों के माध्यम से सत्य और मानवता का मार्ग प्रशस्त किया। गांधी जी का दर्शन आज भी उच्च शिक्षा जगत में महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायक है।

उन्होंने कहा कि 30 जनवरी शहादत दिवस के अवसर पर हम न केवल राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को, बल्कि उन सभी महापुरुषों को भी नमन करते हैं, जिन्होंने जनकल्याण के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। ऐसे महापुरुषों का बलिदान समाज के लिए नए सूर्योदय के समान है। इस अवसर पर उपस्थित सभी शिक्षकों, कर्मचारियों एवं एनएसएस स्वयंसेवकों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक प्रो. अरुण कुमार, प्रो. अनिल कुमार भगत, प्रो. तरुण कुमार सिंह, डॉ. रंभा कुमारी, डॉ. सदानंद यादव, प्रो. विनोद कुमार विमल, प्रो. राजकुमार यादव, प्रो. कुलानंद यादव, प्रो. पुलकित यादव, तृतीय इकाई के कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो. शंभू यादव, द्वितीय इकाई की कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो. कुमारी पूनम सहित शिक्षकेतर कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में एनएसएस स्वयंसेवक उपस्थित थे।

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