सुपौल। जिले में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है और किसी भी प्रकार के संकट की आशंका नहीं है। जिला प्रशासन ने बताया कि गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी तथा जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, थाना अध्यक्ष एवं संबंधित अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं।
प्रशासन के अनुसार जिले की कुल 51 गैस एजेंसियों में से 46 पर फिलहाल गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं, जबकि शेष 5 एजेंसियों पर भी जल्द आपूर्ति पहुंचने की संभावना है। वर्तमान में एजेंसियों के पास लगभग 11,446 गैस सिलेंडरों का स्टॉक मौजूद है। 22 मार्च 2026 को करीब 7,269 उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई, जबकि 17,687 उपभोक्ताओं की बुकिंग अभी लंबित है।
जिले में औसतन 2.5 दिनों के भीतर गैस की आपूर्ति की जा रही है, जो राज्य के औसत 3.8 दिनों से बेहतर है। सभी गैस एजेंसियों को 22 मार्च से होम डिलीवरी अनिवार्य कर दी गई है और इसे सख्ती से लागू किया जा रहा है।
प्रशासन ने बताया कि अब तक 51 में से 34 गैस एजेंसियों की जांच की जा चुकी है। इसके अलावा 71 होटलों और अन्य प्रतिष्ठानों पर भी छापेमारी की गई है। घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग करने और अवैध भंडारण के मामलों में कई प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, जिनमें बसंतपुर, सरायगढ़-भपटियाही और राघोपुर क्षेत्रों के मामले शामिल हैं।
जिला मुख्यालय स्थित आपदा प्रबंधन कार्यालय में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जिसका दूरभाष संख्या 06473-224005 है। 22 मार्च को यहां 13 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनका त्वरित निपटारा कर दिया गया।
जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे घबराकर अतिरिक्त गैस सिलेंडर न लें और गैस एजेंसियों के गोदामों पर भीड़ न लगाएं। सभी उपभोक्ताओं को समय पर होम डिलीवरी के माध्यम से गैस उपलब्ध कराई जाएगी।

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