सुपौल। निर्मली नगर स्थित रिंग बांध सह कोसी पश्चिमी तटबंध सड़क पर बने अवैध एवं विशाल स्पीड ब्रेकर को आखिरकार जिला प्रशासन ने बुल्डोजर चलाकर हटवा दिया। डीएम सावन कुमार के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई के बाद राहगीरों और वाहन चालकों ने राहत की सांस ली है।
जानकारी के अनुसार अनुमंडल कार्यालय निर्मली के सामने बनाए गए दो बड़े स्पीड ब्रेकर लगातार सड़क हादसों का कारण बन रहे थे। सोमवार शाम से देर रात तक कई लोग इन ब्रेकरों की वजह से दुर्घटनाग्रस्त हो गए, जिनमें एक गर्भवती महिला भी शामिल थी। सभी घायलों को इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल निर्मली में भर्ती कराया गया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह संभवतः इलाके का सबसे बड़ा स्पीड ब्रेकर था, जिसे बिना किसी मानक और चेतावनी संकेतक के बना दिया गया था। सड़क पर कहीं भी संकेतक बोर्ड, रिफ्लेक्टर या चेतावनी चिन्ह नहीं लगाए गए थे। खासकर रात के समय वाहन चालक अचानक ब्रेकर से टकराकर दुर्घटना का शिकार हो रहे थे। अब तक आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो चुके थे।
निर्मली एसडीएच में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर प्रदीप कुमार ने बताया कि सोमवार रात तक 4 से 5 दुर्घटना पीड़ित अस्पताल पहुंचे थे। इनमें एक गर्भवती महिला भी शामिल थी, जिसे चोट लगने के बाद भर्ती कर इलाज किया गया।
लगातार हो रहे हादसों और स्थानीय लोगों के विरोध के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया। डीएम सावन कुमार के निर्देश पर अवैध रूप से बनाए गए स्पीड ब्रेकर को बुल्डोजर से हटाया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद लोगों ने राहत जताई है और अब सुरक्षित आवागमन की उम्मीद जगी है।

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