सुपौल। प्रतापगंज प्रखंड अंतर्गत चिलौनी दक्षिण पंचायत के वार्ड संख्या दो स्थित मुस्लिम टोला में गणतंत्र दिवस की शाम भीषण आग लगने से भारी तबाही मच गई। आग की इस दर्दनाक घटना में 9 परिवारों के कुल 16 घर जलकर पूरी तरह राख हो गए। आग में घरों में रखा सारा सामान, अनाज, कपड़े एवं लगभग 3 लाख 70 हजार रुपये नगद जलकर खाक हो गए। वहीं एक गाय की जलकर मौत हो गई, जबकि दो गाय गंभीर रूप से झुलस गईं। इसके अलावा करीब डेढ़ दर्जन बकरियां भी आग की चपेट में आकर मर गईं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आग लगने की यह घटना शाम करीब पांच बजे की बताई जा रही है। उस समय अधिकांश लोग अपने-अपने घरों में ही मौजूद थे। बताया जा रहा है कि आग की शुरुआत टोला के पूरब बसे मो. सलाऊदीन के घर से हुई, जिसका कारण अलाव से उठी चिंगारी माना जा रहा है। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और घनी आबादी होने के कारण आग तेजी से फैल गई।
आग की चपेट में आकर मो. सलाऊदीन के तीन घर, मो. आजाद का एक घर, मो. मुर्तजा के दो घर, मो. मुस्तफा के दो घर, मो. मिन्हाज के दो घर, मो. शहाबुद्दीन का एक घर, मो. अलाऊदीन के दो घर, मो. शमशेर का एक घर तथा मो. जमशेद का एक घर धू-धू कर जलने लगे। आग की भयावहता इतनी अधिक थी कि किसी भी परिवार को घर से सामान निकालने का मौका तक नहीं मिल सका।
ग्रामीणों ने तत्काल थाना को सूचना देकर दमकल बुलाने की मांग की। थाना से पहुंची छोटी दमकल आग बुझाने में नाकाम रही, जिसके बाद वीरपुर से बड़ी दमकल मंगवाई गई। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक 9 परिवारों का आशियाना पूरी तरह तबाह हो चुका था।
घटना की सूचना मिलने पर मंगलवार की सुबह अंचल अधिकारी आशु रंजन, पूर्व प्रमुख रमेश प्रसाद यादव, पंचायत के मुखिया, सरपंच सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और आग में जले घरों का जायजा लिया। अंचल अधिकारी ने पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत देते हुए पांच परिवारों को प्लास्टिक शीट उपलब्ध कराई तथा अन्य सरकारी सहायता देने का भरोसा दिलाया।
वहीं पूर्व प्रमुख रमेश प्रसाद यादव ने पीड़ित परिवारों को व्यक्तिगत रूप से पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। सरपंच फिरोज आलम, पूर्व वार्ड सदस्य शहाबुद्दीन घटना की रात से ही पीड़ित परिवारों की मदद में जुटे रहे। पंचायत के मुखिया भी लगातार पीड़ितों की सहायता करते नजर आए।
आग की इस भयावह घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल बना हुआ है। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से शीघ्र मुआवजा और स्थायी सहायता की मांग की है।

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