सुपौल। बिहार दिवस 2026 के अवसर पर जिला मुख्यालय स्थित बी.बी.सी. कॉलेज सभागार में लोन माफी आंदोलन को गति देने के उद्देश्य से एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी देखी गई।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए लोन माफी आंदोलन के सूत्रधार डॉ. अमन कुमार ने देश में ऋणी परिवारों की दयनीय स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि माइक्रो फाइनेंस कंपनियां लगातार मुनाफा कमा रही हैं, जबकि गरीब परिवार कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं। सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उद्योगपतियों के कर्ज माफ किए जा रहे हैं, जबकि गरीबों के लिए राहत के रास्ते बंद हैं।
डॉ. कुमार ने कहा कि आंदोलन, धरना, प्रदर्शन और जन अदालत जैसे प्रयास यह दर्शाते हैं कि समाज का जमीर अभी जीवित है और लोग अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्वाभिमानी लोग ही आंदोलन करते हैं, जबकि चापलूसी करने वाले लोग व्यवस्था के साथ समझौता कर लेते हैं।
उन्होंने समाज में बदलाव की धीमी गति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि गरीबों में हिम्मत की कमी, मध्यम वर्ग की व्यस्तता और अमीर वर्ग की उदासीनता के कारण बड़े परिवर्तन नहीं हो पा रहे हैं। इसका लाभ उठाकर माइक्रो फाइनेंस कंपनियां और बड़े उद्योगपति आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों का शोषण कर रहे हैं।
डॉ. कुमार ने कर्ज के जाल में फंसे परिवारों की मानसिक पीड़ा और आत्महत्या के मामलों को कम करने के लिए लोन माफी को एक महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक कदम बताया। इस मौके पर असगर अली, रंजन कुमार, कृष्णदेव यादव, संजय कुमार, संगीता देवी, पिंकी देवी, राधा देवी, मालती देवी, काजल देवी समेत कई लोग उपस्थित रहे।

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