सुपौल। भारतीय जनता पार्टी पर दलित विरोधी मानसिकता और सामाजिक भेदभाव को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए सुपौल जिला कांग्रेस कमिटी की ओर से जोरदार प्रतिरोध मार्च निकाला गया। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता सह जिलाध्यक्ष अनुपम के नेतृत्व में निकले मार्च में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।
मार्च में कार्यकर्ताओं ने हाथों में तिरंगा और संविधान की प्रस्तावना लेकर सामाजिक न्याय, समानता और भाईचारे का संदेश दिया। इस दौरान जातिवाद, छुआछूत और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। कार्यकर्ताओं ने संविधान के मूल्यों की रक्षा और भेदभाव के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। मार्च में युवाओं, महिलाओं, छात्रों समेत विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोगों ने भाग लिया।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष अनुपम ने कहा कि यदि किसी जनसभा में किसी प्रमुख राजनीतिक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष के जाने के बाद मंच का हवन और गंगाजल से ‘शुद्धिकरण’ किया जाता है, तो यह महज राजनीतिक विवाद नहीं, बल्कि समाज में मौजूद जातिगत भेदभाव और छुआछूत की मानसिकता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे दलित समाज से आते हैं और उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण संवैधानिक जिम्मेदारियां निभाई हैं। उनके प्रति इस तरह का व्यवहार सामाजिक समानता और लोकतांत्रिक मर्यादा पर सवाल खड़ा करता है।
अनुपम ने कहा कि “मंच का नहीं, मानसिकता का शुद्धिकरण जरूरी है।” उन्होंने कहा कि जातिवादी सोच का समाधान सामाजिक चेतना, समानता और संविधान के मूल्यों से ही संभव है। बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने संविधान के माध्यम से प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार, सम्मान और अवसर देने की व्यवस्था की।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सामाजिक न्याय के सवाल पर कभी समझौता नहीं करेगी। यह मार्च किसी जाति, धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि जातिवाद, छुआछूत, भेदभाव और अन्याय के खिलाफ है। देश को नफरत और विभाजन की राजनीति के बजाय समानता, शिक्षा, रोजगार और सम्मान की जरूरत है।
मार्च में राज नारायण प्रसाद गुप्ता, ललित कामत, प्रेम नाथ झा, चुनचुन सिंह, सुभाष सिंह, सैफ अली, कलीमुद्दीन, सगीर आलम, वरुण कुमार, अमित कुमार झा, अभय तिवारी, ईद मोहम्मद, उस्मान साहब, प्रभात कुमार सिंह, सुरेश चौपाल, रत्नेश्वर झा, सुशील सिंह, भुवनेश्वर प्रसाद यादव, ऋषभ, बदरुद्दीन, मोहम्मद अफरोज सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कोई टिप्पणी नहीं