सुपौल। जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को बाल देखरेख संस्थानों के त्रैमासिक निरीक्षण हेतु गठित जिला स्तरीय निरीक्षण समिति ने सुपौल जिले के विभिन्न बाल संरक्षण एवं आश्रय संस्थानों का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण समाज कल्याण विभाग अंतर्गत जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा संचालित संस्थानों की व्यवस्था, बच्चों की सुरक्षा, देखरेख और पुनर्वास व्यवस्था की समीक्षा के लिए किया गया।
निरीक्षण टीम ने पिपरा रोड स्थित यादव कॉम्प्लेक्स में संचालित विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान से शुरुआत की। यहां आवासित चार बच्चों की देखभाल, पोषण, स्वास्थ्य एवं संरक्षण व्यवस्था का अवलोकन किया गया। साथ ही दत्तक ग्रहण की लंबित प्रक्रियाओं, दस्तावेज़ीकरण और प्रगति की भी समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने उपस्थित चिकित्सा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों को स्पष्ट रूप से यह जानकारी दी जाए कि जन्म के बाद किसी भी कारण से परित्यक्त बच्चों की सूचना 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन पर तुरंत दें। किसी भी चिकित्सा केंद्र द्वारा अवैध रूप से गोद देने की प्रक्रिया बिल्कुल न हो।
कानूनी रूप से गोद देने का अधिकार केवल विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान को है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा केंद्रों द्वारा किसी भी बच्चे को अवैध रूप से गोद देना कानूनन अपराध है और इसके लिए सख्त कार्रवाई तय है।
विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान के निरीक्षण के बाद समिति ने चैनसिंह पट्टी स्थित वृहद आश्रय गृह में संचालित दो बाल गृहों का निरीक्षण किया। यहां कुल 60 बच्चों की स्थिति, उनकी सुविधा, शिक्षा, भोजन, स्वास्थ्य तथा दैनिक देखभाल की विस्तृत समीक्षा की गई।
निरीक्षण समिति ने बाल गृह की स्वच्छता, आवास व्यवस्था और बच्चों के लिए उपलब्ध सभी सेवाओं की प्रशंसा की। बच्चों से सीधे संवाद कर उनकी आवश्यकताओं और सुविधाओं के बारे में फीडबैक भी लिया गया।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि अनाथ, बेसहारा, घर से भागे हुए एवं परित्यक्त बच्चों का किशोर न्याय अधिनियम 2015 के अनुसार संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। बच्चों के परिवारों की खोज और उनके पुनर्वास की संभावनाओं का ससमय आकलन कर सभी कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा किया जाए।
निरीक्षण के दौरान बच्चों की देखरेख, भोजन, आवासन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बताया गया और आश्रय गृह कर्मियों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रोत्साहित किया गया। निरीक्षण में जिलाधिकारी के साथ सहायक निदेशक बाल संरक्षण, सिविल सर्जन, सर्व शिक्षा अभियान के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष एवं सदस्य सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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