सुपौल। भूदान की जमीन पर दखल-कब्जा दिलाने तथा पर्चाधारियों पर की गई अनावश्यक धारा 107 की कार्रवाई के विरोध में बुधवार को भूदान पर्चाधारियों ने छातापुर में एसएच-91 को डहरिया के समीप करीब दो घंटे तक जाम कर दिया। हाइवे जाम रहने से आवागमन पूरी तरह बाधित रहा, जिससे राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
आक्रोशित पर्चाधारी भूदान से प्राप्त जमीन पर शीघ्र दखल-कब्जा दिलाने एवं कथित तौर पर परेशान करने की नीयत से की गई 107 की कार्रवाई को वापस लेने की मांग कर रहे थे। जाम की सूचना मिलते ही प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. राकेश गुप्ता एवं थानाध्यक्ष प्रमोद झा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जाम में शामिल लोगों की समस्याएं सुनीं।
मामले से अवगत होने के बाद बीडीओ ने पर्चाधारियों को आश्वस्त किया कि पैक्स चुनाव के बाद उनकी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक पहल की जाएगी। अधिकारियों द्वारा समझाने-बुझाने के बाद लोगों का आक्रोश शांत हुआ और हाइवे से जाम हटवाकर आवागमन बहाल कराया जा सका।
डहरिया निवासी अशोक हजारी एवं कमलदेव पासवान सहित अन्य पर्चाधारियों ने बताया कि भूदान के तहत मिली छह एकड़ सात डिसमिल जमीन पर कुल 85 लोगों को पर्चा प्राप्त है। वर्ष 2009 से ही सभी पर्चाधारी जमीन पर दखल-कब्जा दिलाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन जिलाधिकारी के आदेश के बावजूद अंचलाधिकारी द्वारा टाल-मटोल का रवैया अपनाया जा रहा है।
वहीं, महम्मदगंज निवासी रूपेश पासवान ने बताया कि भूदान से प्राप्त जमीन पर 16 लोगों को वर्ष 1974 में ही पर्चा दिया गया था और सभी पर्चाधारियों की रसीद भी नियमित रूप से कट रही है। आरोप लगाया कि पूर्व जमींदार के प्रभाव में आकर अंचल प्रशासन एवं पुलिस की मिलीभगत से सभी पर्चाधारियों पर धारा 107 की कार्रवाई कर दी गई। मंगलवार को नोटिस मिलने के बाद ही इस कार्रवाई की जानकारी हुई।
पर्चाधारियों का कहना है कि पूर्व में प्रमंडलीय आयुक्त, जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक के आदेश पर पर्चाधारियों की सूची बनाकर दखल-कब्जा दिलाया गया था, लेकिन अब उक्त जमीन से उन्हें बेदखल करने का प्रयास किया जा रहा है।

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