सुपौल। जिले के स्वास्थ्य तंत्र को अधिक सक्षम, संवेदनशील एवं उत्तरदायी बनाने की दिशा में जिला अस्पताल सुपौल में जिला स्तरीय स्वास्थ्य कार्यबल सुदृढ़ीकरण परामर्श कार्यशाला का आयोजन किया गया। गुरुवार को आयोजित इस कार्यशाला में जिले भर से 60 से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
कार्यशाला में एचएम, डीपीएम, चिकित्सक, जीएनएम, स्टाफ नर्स सहित विभिन्न स्वास्थ्य प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान प्रतिभागियों को “समन्वय (SAMANVAY)” ढांचे से अवगत कराया गया और इसके प्रमुख स्तंभों—भूमिका की स्पष्टता, आपसी जुड़ाव, सामाजिक पूंजी, सेवा भाव, गरिमा एवं अपनापन—पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही संगठनात्मक निदान, प्रणालीगत सोच और मजबूत व उत्तरदायी संस्थानों के निर्माण पर भी विचार-विमर्श हुआ।
कार्यक्रम में “कर्मयोगी आई-गॉट” (Integrated Government Online Training) पोर्टल की जानकारी देते हुए बताया गया कि इसके माध्यम से स्वास्थ्य कर्मी कभी भी तकनीकी एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। प्लेटफॉर्म पर नामांकन, प्रशिक्षण प्रक्रिया और प्रमाण पत्र प्राप्त करने की भी विस्तृत जानकारी दी गई, जिससे लक्षित अधिगम को बढ़ावा मिल सके।
कार्यशाला में समन्वय ढांचा, मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली, आई-गॉट प्लेटफॉर्म और सशक्त संगठनों के निर्माण जैसे प्रमुख विषयों पर चर्चा हुई। साथ ही मरीजों को केंद्र में रखकर सेवा गुणवत्ता, प्रदर्शन संकेतकों, टीम भावना और आपसी समन्वय को मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया।
कार्यक्रम का संचालन पीरामल फाउंडेशन के प्रोग्राम लीडर पुनीत मिश्रा ने किया। इस अवसर पर जिला सदर अस्पताल से डीपीसी बाल कृष्ण चौधरी, डीएमई शशि भूषण, डी-क्यूएसी रूबी कुमारी, हॉस्पिटल मैनेजर अभिनव कुमार एवं डीसीएम अभिषेक कुमार उपस्थित रहे। साथ ही पीरामल फाउंडेशन के जिला लीड शकील जी, गांधी फेलोज एवं अन्य अधिकारी-कर्मी भी मौजूद रहे।
कार्यशाला का समापन “90 दिन की बदलाव कार्ययोजना” के निर्माण के साथ हुआ, जिसके तहत प्रतिभागियों ने सीखी गई बातों को व्यवहार में लाने और स्वास्थ्य संस्थानों को अधिक मजबूत, स्मार्ट एवं प्रभावी बनाने का संकल्प लिया।

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