सुपौल। किसनपुर प्रखंड क्षेत्र के मेहासिमर पंचायत स्थित नव निर्मित सत्संग भवन के उद्घाटन अवसर पर दो दिवसीय सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दूर-दराज से पहुंचे सत्संग प्रेमियों ने भाग लेकर संत महात्माओं के प्रवचन का श्रवण किया।
सत्संग में गुरु चरण सेवी शरण स्वामी प्रमोद आनंद जी महाराज, स्वामी निर्मलानंद बाबा एवं अन्य संत-महापुरुषों ने अपने प्रवचन से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इस दौरान स्वामी प्रेमानंद जी महाराज ने कहा कि संसार में सबसे बड़ी सेवा माता-पिता की सेवा है। जो व्यक्ति अपने माता-पिता की सेवा नहीं करता, उसे कभी मोक्ष की प्राप्ति नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि धरती पर सबसे बड़े भगवान माता-पिता ही होते हैं, जो हमेशा अपने बच्चों की सुख-समृद्धि और उन्नति की कामना करते हैं।
उन्होंने लोगों से तीर्थ यात्रा करने के साथ-साथ अपने घर के भगवान अर्थात माता-पिता की सेवा को प्राथमिकता देने की अपील की। अपने प्रवचन में उन्होंने विभिन्न देवी-देवताओं द्वारा माता-पिता की सेवा के प्रसंगों का भी विस्तारपूर्वक वर्णन किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में पूर्व मुखिया सत्यदेव प्रसाद यादव, गुनेश्वर यादव, मनोहर यादव, शिव शंकर यादव, गंगा प्रसाद यादव, दीप नारायण यादव, सतीश यादव एवं सुरेंद्र शर्मा सहित अन्य ग्रामीणों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
वहीं स्वामी कल्याणी दास महाराज ने कहा कि जिस प्रकार स्थानीय पंचायतवासियों ने सत्संग आयोजन में सहयोग दिया है, वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि पंचायतवासियों का सहयोग उन्हें हमेशा मिलता रहा है और आगे भी मिलता रहेगा। इस अवसर पर उन्होंने चार वर्षीय मौन व्रत रखने की घोषणा भी की।

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