- 20 चालकों ने लिया प्रशिक्षण, वाहन स्वामियों से चालकों को प्रशिक्षण हेतु भेजने की अपील
सुपौल। बिहार सड़क सुरक्षा परिषद, परिवहन विभाग, बिहार, पटना के निर्देशानुसार एवं सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से जिला परिवहन कार्यालय, सुपौल द्वारा दिनांक 20 जून 2026 को सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों पर आधारित एक दिवसीय विशेष चालक प्रशिक्षण कार्यक्रम का पुनः आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से कुल 20 चालकों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य चालकों में सुरक्षित एवं जिम्मेदार वाहन संचालन की भावना विकसित करना, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम करना तथा आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्रशिक्षण के दौरान चालकों को यातायात नियमों, सड़क संकेतों की पहचान, निर्धारित गति सीमा का पालन, सीट बेल्ट एवं हेलमेट के महत्व, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के प्रयोग से होने वाले जोखिम तथा ओवरस्पीडिंग के दुष्परिणामों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।
इसके अतिरिक्त प्रतिभागियों को सड़क दुर्घटना की स्थिति में अपनाई जाने वाली आवश्यक प्रक्रियाओं, प्राथमिक उपचार, "गुड सेमेरिटन" प्रावधान, पैदल यात्रियों के अधिकार तथा सुरक्षित एवं अनुशासित ड्राइविंग व्यवहार के बारे में भी जागरूक किया गया। आधुनिक वाहन सुरक्षा तकनीकों एवं सड़क सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की गईं।
प्रशिक्षण के उपरांत सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। साथ ही राज्य सरकार के प्रावधानों के अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले चालकों को ₹200 की प्रोत्साहन राशि उनके बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
जिला परिवहन पदाधिकारी ने जिले के सभी वाहन स्वामियों, परिवहन व्यवसायियों, स्कूल वाहनों के संचालकों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं सरकारी-निजी संस्थानों से अपील की है कि वे अपने चालकों को इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में अवश्य भेजें। प्रशिक्षित एवं जागरूक चालक न केवल स्वयं सुरक्षित रहते हैं बल्कि अपने साथ यात्रा करने वाले यात्रियों एवं अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित करते हैं।
उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली अधिकांश मौतें सावधानी, प्रशिक्षण एवं यातायात नियमों के पालन से रोकी जा सकती हैं। सड़क सुरक्षा एक सामूहिक जिम्मेदारी है और प्रत्येक नागरिक को इसमें अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
जिला परिवहन कार्यालय द्वारा बताया गया कि जिले में इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे ताकि अधिकाधिक चालकों को प्रशिक्षित कर सुरक्षित यातायात संस्कृति को बढ़ावा दिया जा सके तथा सड़क दुर्घटनाओं एवं जनहानि में प्रभावी कमी लाई जा सके

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