सुपौल। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर शुक्रवार को समाहरणालय परिसर में जिलाधिकारी सावन कुमार ने अधिकारियों एवं कर्मियों को बाल श्रम के विरुद्ध शपथ दिलाई। इस दौरान बाल श्रम उन्मूलन एवं बच्चों के अधिकारों की रक्षा के प्रति सभी को जागरूक रहने का संदेश दिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि बाल श्रम एक सामाजिक अभिशाप है, जिसके उन्मूलन के लिए समाज के प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का अधिकार है। इसके लिए सभी को संकल्पबद्ध होकर कार्य करना होगा।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मियों ने शपथ ली कि वे किसी भी रूप में बाल श्रम का समर्थन नहीं करेंगे और न ही उसे बढ़ावा देंगे। साथ ही यह सुनिश्चित करेंगे कि 14 वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे से श्रम कार्य नहीं कराया जाए। उन्होंने समाज में बाल श्रम के विरुद्ध जन-जागरूकता फैलाने तथा राज्य को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए पूरी ईमानदारी, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ कार्य करने का भी संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में समाहरणालय के सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने बाल श्रम उन्मूलन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए बच्चों के सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प व्यक्त किया।

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