सुपौल। जिला बाल संरक्षण इकाई, सुपौल के प्रयास से नेपाल के एक नाबालिग बालक को विधि-सम्मत प्रक्रिया पूरी करने के बाद सुरक्षित रूप से उसके माता-पिता तक पहुंचाया गया। बालक को भारत-नेपाल सीमा के जोगबनी बॉर्डर पर संबंधित प्रतिनिधियों की मौजूदगी में माईती नेपाल को सौंपा गया, जहां से नेपाल प्रहरी रानी, विराटनगर के माध्यम से उसे उसकी माता के सुपुर्द किया गया।
जानकारी के अनुसार, जिला बाल संरक्षण इकाई, सुपौल के पत्रांक 1009, दिनांक 07.07.2026 के तहत अध्यक्ष, जागरण कल्याण भारती, फारबिसगंज एवं माईती नेपाल, काठमांडू को संयुक्त रूप से नेपाल के नाबालिग कृष्ण कुमार चौधरी, निवासी वार्ड संख्या 15, विराटनगर, जिला मोरंग, नेपाल के सामाजिक अन्वेषण की जिम्मेदारी दी गई थी। बाल कल्याण समिति, सुपौल के निर्देशानुसार सामाजिक अन्वेषण के बाद बालक के अंतरराष्ट्रीय स्थानांतरण एवं उसे उसके माता-पिता को सौंपने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
जागरण कल्याण भारती, फारबिसगंज के अध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि सामाजिक अन्वेषण प्रतिवेदन समर्पित किए जाने के बाद बिहार सरकार के समाज कल्याण निदेशालय, पटना तथा भारत सरकार के प्रयास से नेपाली राजदूतावास, नई दिल्ली के आदेश संख्या 082/83/CON 17.1/15620, दिनांक 15.07.2026 के आलोक में आगे की विधि-सम्मत कार्रवाई की गई।
इसके बाद जिला बाल संरक्षण इकाई, सुपौल के ज्ञापांक 1210, दिनांक 12.08.2026 के आदेश के आलोक में 18 अगस्त 2026 को दोपहर करीब 3:30 बजे बालक को सुपौल में संबंधित अधिकारियों की प्रक्रिया के बाद माईती नेपाल की प्रतिनिधि श्रीमती गीतांजलि शर्मा को सौंपा गया। जागरण कल्याण भारती, फारबिसगंज की ओर से डीसी दीपक कुमार पासवान तथा अन्य प्रतिनिधियों की मौजूदगी में आवश्यक कार्रवाई पूरी की गई।
इसके बाद भारत-नेपाल सीमा के जोगबनी बॉर्डर पर जागरण कल्याण भारती, फारबिसगंज के संगम लाल पासवान की मौजूदगी में बालक को माईती नेपाल के सुपुर्द किया गया। माईती नेपाल ने बालक को नेपाल प्रहरी, रानी, विराटनगर के माध्यम से उसकी माता श्रीमती लक्ष्मी चौधरी को सौंप दिया।
इस पूरी प्रक्रिया के दौरान बाल संरक्षण से जुड़े निर्धारित प्रावधानों एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बालक के सुरक्षित हस्तांतरण की प्रक्रिया का पालन किया गया। बालक के सुरक्षित रूप से अपनी माता तक पहुंचने के बाद संबंधित संस्थाओं ने राहत की सांस ली।

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