सुपौल। जिला परिषद की विशेष बैठक शनिवार को जिला परिषद सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला परिषद अध्यक्ष कमला देवी ने की। बैठक में उपस्थित जिला परिषद के सदस्यों एवं पदाधिकारियों का अभिवादन करते हुए अध्यक्ष ने कार्यवाही की शुरुआत की। इसके बाद मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी इंद्रवीर कुमार, बि०प्र०से० से एजेंडावार चर्चा के लिए बैठक को आगे बढ़ाने का अनुरोध किया गया।
मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी ने बैठक में उपस्थित अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सभी जिला परिषद सदस्यों का स्वागत करते हुए 16वें वित्त आयोग एवं षष्ठम राज्य वित्त आयोग के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में ली जाने वाली योजनाओं के चयन से संबंधित विभागीय दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी।
बैठक में सदस्यों के क्षेत्र से संबंधित विभिन्न विकास योजनाओं के चयन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान सभी सदस्यों से उनकी राय एवं प्रस्ताव प्राप्त किए गए। सदस्यों ने योजनाओं का चयन जल्द से जल्द पूरा करने पर सहमति जताई, ताकि विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।
बैठक में मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी ने 16वें वित्त आयोग की अनुशंसा के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक भारत सरकार से प्राप्त होने वाले अनुदान के त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के बीच वितरण, उपयोग, क्रियान्वयन, व्यय एवं अंकेक्षण से संबंधित विभागीय दिशा-निर्देशों से सदस्यों को अवगत कराया।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा निर्धारित सभी अर्हताओं एवं शर्तों का अनुपालन करते हुए ही योजनाओं का चयन किया जाना है। इसको लेकर सदस्यों से अपने-अपने क्षेत्र की प्राथमिकता वाली योजनाओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत चयनित करने का अनुरोध किया गया।
मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी ने सभी जिला परिषद सदस्यों से 12 अगस्त 2026 तक अपने-अपने क्षेत्र के अंतर्गत 16वें वित्त आयोग एवं षष्ठम राज्य वित्त आयोग के तहत चयनित योजनाओं की सूची जिला परिषद कार्यालय को उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। ताकि प्राप्त योजनाओं को समेकित कर समय पर विभागीय पोर्टल पर अपलोड किया जा सके।
बैठक में जिला परिषद के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सभी संबंधित सदस्य एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।


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