सुपौल। जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित पीएमश्री एवं मॉडल विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने विद्यालयों में पठन-पाठन की गुणवत्ता सुधारने तथा विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर को बेहतर बनाने के लिए कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी मॉडल विद्यालयों में शिक्षक-शिक्षिकाएं गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन सुनिश्चित करें। इसके लिए प्रत्येक शिक्षक को प्रतिदिन एक नोटबुक रखना होगा, जिसमें अगले दिन कक्षा में पढ़ाए जाने वाले विषयों की तैयारी का विवरण दर्ज रहेगा। मॉडल विद्यालयों में प्रत्येक सप्ताह विद्यार्थियों की साप्ताहिक परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा एक ही कॉपी में ली जाएगी और शिक्षक-शिक्षिकाओं को उसका समय पर मूल्यांकन करना होगा। परीक्षा की कॉपी पर शिक्षक के हस्ताक्षर के साथ अभिभावक अथवा माता-पिता का हस्ताक्षर भी अनिवार्य रहेगा।
डीएम ने स्पष्ट किया कि विद्यालय निरीक्षण के दौरान यदि किसी शिक्षक के पास आवश्यक नोटबुक नहीं पाई गई तो विभागीय नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रधानाध्यापकों को अपने स्तर से यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि साप्ताहिक परीक्षा की कॉपियों की जांच समय पर हो रही है तथा शिक्षक प्रतिदिन कक्षा की तैयारी करके विद्यालय आ रहे हैं।
उन्होंने पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों को चिन्हित कर उनके लिए अतिरिक्त वर्ग कक्ष संचालित करने का निर्देश दिया। साथ ही, ‘बिहार विद्या साथी’ के अंतर्गत Filo App के माध्यम से विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं या नहीं, इसकी भी नियमित निगरानी करने को कहा।
बैठक में विद्यालयों में खेल गतिविधियों को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया गया कि खेल की घंटी के दौरान विद्यार्थी कैरम, बैडमिंटन अथवा अन्य खेलों में भाग ले रहे हैं या नहीं, इसकी निगरानी करें तथा खेल गतिविधियों के फोटोग्राफ अभिलेख के रूप में सुरक्षित रखें। जिलाधिकारी ने विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ मूलभूत सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कक्षाओं में पर्याप्त रोशनी, साफ-सफाई तथा शौचालयों की प्रतिदिन सफाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी, सुपौल को उपरोक्त सभी निर्देशों का प्रभावी रूप से अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला स्तरीय पदाधिकारियों द्वारा मॉडल विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान निर्देशों का अनुपालन नहीं पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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