सुपौल। बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन में सुपौल जिले ने जुलाई 2026 में राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। निर्धारित मापदंडों एवं कार्य निष्पादन के आंकड़ों के आधार पर जिलों की रैंकिंग में सुपौल को कुल 89.47 अंक प्राप्त हुए।
जिलाधिकारी सावन कुमार ने बताया कि लोक शिकायतों के त्वरित एवं समयबद्ध निष्पादन को लेकर जिले में लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी का परिणाम है कि जुलाई माह की राज्य स्तरीय रैंकिंग में सुपौल जिला प्रथम स्थान पर रहा।
रैंकिंग के अनुसार, जिले में नियत समय-सीमा के अंदर 98.57 प्रतिशत परिवादों का निष्पादन किया गया, जिसके लिए 9.86 अंक प्राप्त हुए। वहीं समीक्षित माह में निर्धारित समय-सीमा के भीतर 99.79 प्रतिशत मामलों का निवारण करने पर 29.94 अंक मिले।
लोक प्राधिकार की उपस्थिति के मामले में भी सुपौल का प्रदर्शन बेहतर रहा और जिले को 99.23 अंक प्राप्त हुए। इसके अलावा नियत समय-सीमा में निष्पादित प्रथम अपील के लिए 98.85 अंक तथा द्वितीय अपील के समयबद्ध निष्पादन के लिए 98.45 अंक प्राप्त हुए।
इसी क्रम में जुलाई माह में शस्ति अधिरोपण एवं अनुशासनिक कार्यवाही के लिए 10 अंक तथा जिला स्तर पर आयोजित बैठक की कार्यवाही अपलोड करने के लिए 5 अंक प्राप्त हुए। इन सभी मानकों में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर सुपौल जिले ने 89.47 अंक के साथ राज्य में प्रथम स्थान हासिल किया। जिला प्रशासन की इस उपलब्धि से लोक शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध निवारण की दिशा में जिले की कार्यप्रणाली की प्रभावशीलता सामने आई है।

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