सुपौल। समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में बुधवार को डीएलसीसी/डीएलआरसी (मार्च-2026) की बैठक जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक के अधिकारी, वरीय उप समाहर्ता बैंकिंग, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, अग्रणी बैंक प्रबंधक, विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, सभी बैंकों के जिला समन्वयक एवं आरसेटी के निदेशक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक की शुरुआत अग्रणी बैंक प्रबंधक ने सभी अतिथियों का स्वागत कर की। इसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर विभिन्न योजनाओं एवं बैंकिंग गतिविधियों की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले का वार्षिक ऋण योजना (ACP) का मार्च 2026 तिमाही तक उपलब्धि प्रतिशत 68.66 प्रतिशत रहा, जो पिछले वर्षों की तुलना में सबसे बेहतर प्रदर्शन है। वहीं जिले का सीडी (क्रेडिट-डिपॉजिट) अनुपात 72 प्रतिशत दर्ज किया गया।
जिलाधिकारी सावन कुमार ने सभी बैंक प्रतिनिधियों के साथ एसीपी की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिन बैंकों का प्रदर्शन जिला औसत से कम है, उन्हें अधिक से अधिक ऋण स्वीकृत एवं वितरित करने का निर्देश दिया। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 में शत-प्रतिशत एसीपी लक्ष्य प्राप्त करने के लिए सभी बैंकों को समन्वय के साथ कार्य करने को कहा।
बैठक में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), डेयरी, मत्स्य पालन, पशुपालन तथा स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़े लंबित ऋण आवेदनों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को अधिक से अधिक नए आवेदन तैयार कर बैंकों को भेजने का निर्देश दिया ताकि पात्र लाभार्थियों को समय पर ऋण उपलब्ध कराया जा सके।
उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना सभी विभागों और बैंकों की संयुक्त जिम्मेदारी है। इस दिशा में समन्वित प्रयास सुनिश्चित किए जाएं। बैठक में आरसेटी (RSETI) के निदेशक ने संस्थान द्वारा संचालित कौशल विकास एवं स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आरसेटी ने जिले में निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 100 प्रतिशत से अधिक प्रशिक्षण प्रदान कर उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल की है।


कोई टिप्पणी नहीं