सुपौल। जिले के छातापुर प्रखंड अंतर्गत बलुआ पंचायत के पूर्व मुखिया सह वरिष्ठ समाजसेवी जयकृष्ण गुरमेता के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। 97 वर्ष की आयु में उनके निधन की खबर मिलते ही पैतृक गांव बलुआ बाजार सहित पूरे प्रखंड क्षेत्र में मायूसी छा गई। निधन की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पर पहुंचे और शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की।
जयकृष्ण गुरमेता अपने सरल, सहज और मिलनसार स्वभाव के लिए क्षेत्र में विशेष पहचान रखते थे। सामाजिक कार्यों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही। बताया जाता है कि वे पूर्व मुख्यमंत्री स्व. जगन्नाथ मिश्र के काफी करीबी रहे थे। पंचायत के सामाजिक एवं सार्वजनिक कार्यों में वे लंबे समय तक सक्रिय रहे और लोगों के सुख-दुख में हमेशा साथ खड़े रहे। यही कारण था कि क्षेत्रवासियों के साथ उनका गहरा आत्मीय संबंध बना हुआ था।
उनके निधन की खबर मिलते ही विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और प्रबुद्ध नागरिक उनके पैतृक आवास पहुंचे। लोगों ने कहा कि जयकृष्ण गुरमेता का निधन पंचायत और समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपने जीवन में सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता देते हुए लंबे समय तक लोगों की सेवा की। उनका सरल व्यवहार और जरूरतमंदों के प्रति सहयोग की भावना हमेशा लोगों के बीच याद की जाएगी।
शोक व्यक्त करने वालों में मधुबनी पंचायत के मुखिया सितानंद झा उर्फ सुनील बाबू, व्यापार मंडल अध्यक्ष गौरीशंकर भगत, रामपुर पंचायत के पूर्व मुखिया सह मुखिया प्रतिनिधि मो. हासिम, माधोपुर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि मोती अहमद, भाजपा मध्य भाग मंडल अध्यक्ष प्रशांत उर्फ काली झा, भाजपा प्रखंड मीडिया प्रभारी रामटहल भगत, युवा समाजसेवी सुभाष कुमार यादव, राजकुमार झा, भाकपा अंचल सचिव रघुनंदन पासवान, जदयू नेता फेकनारायण मंडल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और ग्रामीण शामिल रहे।
सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार को इस कठिन घड़ी में धैर्य एवं संबल प्रदान करने की कामना की।

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