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नेपाली नाबालिग कृष्ण चौधरी को माईती नेपाल की प्रतिनिधि को किया गया सुपुर्द

नेपाली नाबालिग कृष्ण चौधरी को माईती नेपाल की टीम को सौंपा गया

सुपौल (18 अगस्त 2026)। सुपौल स्थित बाल गृह, यूनिट-01, बृहद आश्रय गृह में संरक्षित 8 वर्षीय नेपाली नाबालिग कृष्ण चौधरी को मंगलवार को उसकी सुरक्षित नेपाल वापसी एवं परिवार से पुनर्मिलन की प्रक्रिया के लिए माईती नेपाल की अधिकृत प्रतिनिधि गीतांजलि शर्मा एवं उनकी टीम को सुपुर्द किया गया। बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक दिपेश कुमार शर्मा ने अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे बच्चे को अपने कार्यालय परिसर में माईती नेपाल की टीम को सौंपा।

बच्चे की सुपुर्दगी के दौरान बाल संरक्षण, सामाजिक सेवा तथा भारत-नेपाल सीमा समन्वय से जुड़े विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और बाल कल्याण समिति के सदस्य मौजूद रहे। सुपुर्दगी से संबंधित पहचान-पत्र एवं फोटो अभिलेख भी तैयार किए गए।

इस अवसर पर जागरण कल्याण भारती, फारबिसगंज के अध्यक्ष संजय कुमार, अररिया के जिला समन्वयक दीपक कुमार पासवान, इंडो-नेपाल बॉर्डर समन्वयक संगमलाल पासवान, माईती नेपाल की प्रतिनिधि गीतांजलि शर्मा, इंडो-नेपाल बॉर्डर से भीम कुमारी एवं इन्द्रा गौतम, बाल कल्याण समिति, सुपौल के अध्यक्ष ईश्वर चंद्र झा, सदस्य पंचम नारायण सिंह एवं अफसरा बेगम, कोशी प्रहरी, सुपौल के सचिव रामचंद्र यादव, तथा विकल्प द सोल्यूशन, सुपौल के सचिव शशांक राज (अधिवक्ता) सहित अन्य लोग मौजूद थे।


नेपाल पहुंचने के बाद परिवार से कराया जाएगा पुनर्मिलन

माईती नेपाल की प्रतिनिधि गीतांजलि शर्मा ने बताया कि बच्चे को सुरक्षित रूप से नेपाल ले जाने के बाद संबंधित स्थानीय अधिकारियों के समन्वय से उसे उसके परिवार तक पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। माईती नेपाल को बच्चे की नेपाल वापसी और परिवार से पुनर्मिलन की प्रक्रिया में सहयोग के लिए अधिकृत किया गया है। बाल गृह की ओर से जारी सुपुर्दगी नामा के अनुसार, मंगलवार की कार्रवाई माईती नेपाल के कार्यकारी निदेशक के पत्रांक 4366, दिनांक 17 अगस्त 2026 के आलोक में की गई।

दस्तावेजों के अनुसार कृष्ण चौधरी विराटनगर महानगरपालिका-15, मोरंग जिला निवासी लक्ष्मण चौधरी तथा लक्ष्मी चौधरी का पुत्र है।

नेपाल दूतावास के पत्र के बाद हुई कार्रवाई

बच्चे की आज की सुपुर्दगी के पीछे नेपाल दूतावास, नई दिल्ली की पहल भी महत्वपूर्ण रही। दूतावास ने 15 जुलाई 2026 को बाल कल्याण समिति, सुपौल को पत्र भेजकर कृष्ण चौधरी को नेपाल वापस भेजने एवं उसके परिवार से पुनर्मिलन की प्रक्रिया के संबंध में आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया था।

दूतावास ने अपने पत्र में बताया था कि उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर माईती नेपाल की प्रतिनिधि को बच्चे की भारत से नेपाल वापसी (Repatriation) की प्रक्रिया में सहयोग के लिए अधिकृत किया गया है। साथ ही नेपाल में संबंधित अधिकारियों के समन्वय से बच्चे को उसके परिवार के साथ पुनः मिलाने की प्रक्रिया में सहयोग करने की जिम्मेदारी भी दी गई है।

नेपाल दूतावास ने यह भी कहा था कि नेपाल पहुंचने के बाद बच्चे को नेपाल सरकार के संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में उसके परिवार को सौंपा जाएगा तथा आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।

माईती नेपाल के प्राधिकरण के आधार पर सुपुर्दगी

नेपाल दूतावास के अनुरोध और माईती नेपाल के अधिकृत प्राधिकरण के आधार पर मंगलवार को बच्चे को माईती नेपाल की टीम को सौंप दिया गया। गौरतलब है कि माईती नेपाल नेपाल में बाल संरक्षण एवं मानव तस्करी की रोकथाम के क्षेत्र में कार्यरत गैर-लाभकारी संस्था है। संस्था बच्चों एवं कमजोर समुदायों के लिए बचाव, पुनर्वास और पुनर्स्थापन से संबंधित कार्य करती है।

उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार, 18 अगस्त को बच्चे को माईती नेपाल की अधिकृत प्रतिनिधि को नेपाल वापसी की प्रक्रिया के लिए सुपुर्द किया गया है। नेपाल में उसके परिवार को अंतिम रूप से सौंपे जाने की प्रक्रिया संबंधित नेपाली अधिकारियों के समन्वय एवं आवश्यक औपचारिकताओं के अनुसार पूरी की जाएगी।


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