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राष्ट्रीय कवि संगम के संस्थापक जगदीश मित्तल ‘परमार्थी’ को सुपौल में श्रद्धांजलि

 

सुपौल, 13 सितंबर 2026। राष्ट्रीय कवि संगम के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश मित्तल ‘परमार्थी’, जिन्हें स्नेह और सम्मान से ‘बाबूजी’ कहा जाता था, की स्मृति में रविवार को राष्ट्रीय कवि संगम की सुपौल जिला इकाई द्वारा श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम प्रांतीय संगठन मंत्री रविभूषण के सुपौल स्थित कोचिंग संस्थान माहेश्वरी विद्यासेतु में हुआ।

जगदीश मित्तल ‘परमार्थी’ का निधन 3 सितंबर 2026 को दिल्ली के पश्चिम विहार स्थित बालाजी कैंसर हॉस्पिटल में हुआ था। उनका अंतिम संस्कार उनके गृह क्षेत्र जगाधरी, हरियाणा में किया गया। उनके निधन को साहित्य और सांस्कृतिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए देशभर में राष्ट्रीय कवि संगम की इकाइयों द्वारा श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जा रही हैं।

सुपौल में आयोजित कार्यक्रम में जिलेभर के कवि, कवयित्री, साहित्यप्रेमी और गणमान्य लोग शामिल हुए। श्रद्धांजलि सभा के दौरान भजन-कीर्तन और संगीतमय प्रस्तुतियां हुईं। जिला इकाई की ओर से भंडारे का आयोजन किया गया तथा दिनभर प्रसाद स्वरूप खीर का वितरण किया गया।

वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व, राष्ट्र और साहित्य के प्रति उनके समर्पण को याद करते हुए कहा कि वे स्वयं कवि नहीं थे, लेकिन उन्होंने राष्ट्रीय कवि संगम के माध्यम से हजारों नवोदित कवियों को मंच और पहचान दी। उन्होंने अपना जीवन राष्ट्र, समाज और साहित्य के लिए समर्पित कर दिया तथा राष्ट्रीय कवि संगम के सदस्यों को ही अपना विशाल परिवार माना।



उनका यह कथन भी स्मरण किया गया— “चलने का इतना आदी हो गया हूं कि रुकता हूं तो थक जाता हूं।” उपस्थित सदस्यों ने उनके आदर्शों पर चलते हुए राष्ट्रीय कवि संगम रूपी वटवृक्ष को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में सुपौल नगर परिषद के चेयरमैन राघवेंद्र झा ‘राघव’, राष्ट्रीय कवि संगम के जिलाध्यक्ष नलिन जायसवाल, प्रांतीय संगठन मंत्री रविभूषण, बिंदु श्रीवास्तव, अभिलाषा मिश्रा, कल्याणी स्वरूपा, आनंद भारती, संगीता कुमारी, जया, मुस्कान, कुमार संभव, गौरव, अमित तिवारी, केशव राज, राजधर यादव, राजेश मल्लिक, वार्ड पार्षद बबलू कामत सहित भजन मंडली के कलाकार और बड़ी संख्या में काव्यप्रेमी उपस्थित रहे।

अंत में सभी ने जगदीश मित्तल ‘परमार्थी’ के चित्र पर पुष्प अर्पित कर नम आंखों से उन्हें अंतिम प्रणाम किया और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

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