सुपौल। त्रिवेणीगंज प्रखंड क्षेत्र के कुशहा पंचायत स्थित मचहा मोतीनगर में सतमंत सत्संग आश्रम में दो दिवसीय संतमत सत्संग का भव्य शुभारंभ हुआ। यह आयोजन आचार्य हरिनंदन परमहंस जी महाराज की जयंती, सतलोकवासी स्वामी मोती दास जी महाराज की पुण्यतिथि एवं पावन रामनवमी के अवसर पर किया गया।
हालांकि अस्वस्थ रहने के कारण कुप्पाघाट के वर्तमान आचार्य हरिनंदन परमहंस जी महाराज कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके, लेकिन पूरे आश्रम परिसर में “जय गुरु महाराज” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। सुबह में उनके जयंती समारोह के दौरान जनप्रतिनिधियों, संत-महात्माओं एवं ग्रामीणों ने उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके शीघ्र स्वस्थ होने और दीर्घायु की कामना की।
सत्संग के पहले दिन ही दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन जारी रहा। कुप्पाघाट, भागलपुर से पहुंचे गुरुसेवी स्वामी प्रमोद बाबा ने अपने प्रवचन में कहा कि मानव जीवन में सत्संग का अत्यंत महत्व है और भाग्यवान व्यक्ति को ही इसका लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि संतों का मार्ग मोक्ष की ओर ले जाता है, जबकि अन्य संगत मनुष्य को सांसारिक बंधनों में उलझा देती है।
डॉ. निर्मलानंद बाबा ने कहा कि सत्संग के माध्यम से इहलोक और परलोक दोनों को सुधारा जा सकता है। इसके लिए पंच पापों से दूर रहकर ध्यान और गुरु के प्रति समर्पण आवश्यक है। वहीं शंकर बाबा ने कहा कि सत्संग मानव जीवन में सुख और शांति की वर्षा करता है तथा सच्चाई के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम में जयकुमार बाबा सहित अन्य संतों ने भी महर्षि मेंही के विचारों, मानव जीवन के मूल्यों एवं कर्तव्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। सत्संग में शामिल श्रद्धालुओं ने अध्यात्म की गंगा में डुबकी लगाकर आत्मिक शांति का अनुभव किया।
आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय समिति एवं ग्रामीणों की अहम भूमिका रही। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मार्ग में स्वयंसेवकों की तैनाती की गई थी। आयोजन में पैक्स अध्यक्ष मिथिलेश कुमार, जयप्रकाश यादव, तारणी प्रसाद यादव, सुरेंद्र यादव, दिलीप कुमार, जितेंद्र यादव, रामकुमार यादव, शंभु यादव, सुशील कुमार सुमन, बीरेंद्र साह, बीरेंद्र यादव, दिलखुश कुमार समेत कई लोग सक्रिय रूप से जुटे रहे।

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