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महिला दिवस पर डिजिटल सखी परियोजना ने मनाया उत्सव, ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की सराहना

 


सुपौल। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बाईफ (BAIF) एवं एल एंड टी फाइनेंस के सीएसआर द्वारा संचालित डिजिटल सखी परियोजना के सुपौल क्लस्टर में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन पब्लिक लाइब्रेरी, सुपौल भवन में किया गया। यह परियोजना विगत तीन वर्षों से सुपौल जिले में ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता प्रदान कर उन्हें सशक्त बना रही है।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि के रूप में एडवोकेट शक्ति कुमारी सारिका, महिला हेल्पलाइन की सलोनी कुमारी एवं समाजसेवी नीता कुमारी ने शिरकत की। विभिन्न ग्राम पंचायतों से बड़ी संख्या में डिजिटल सखियां एवं उद्यमी महिलाएं उपस्थित रहीं। क्लस्टर कोऑर्डिनेटर जूली देवी, ऋषभ कुमार एवं एमआईएस अनुज कुमार ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

कार्यक्रम का संचालन जूली देवी ने किया। शुरूआत डिजिटल सखियों द्वारा अतिथियों का स्वागत गान के साथ किया गया, इसके बाद उन्हें बुके एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में परियोजना के विगत तीन वर्षों की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया तथा सरकार की महिला सशक्तिकरण से जुड़ी विभिन्न लोक कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

इस मौके पर समाजसेवी नीता कुमारी ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर कहा कि आज का दिन सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि उन लाखों ग्रामीण महिलाओं की जीत का प्रतीक है जो घर की चारदीवारी से निकलकर डिजिटल दुनिया में कदम रख रही हैं। डिजिटल सखी परियोजना ने सुपौल की बहनों को न केवल मोबाइल और इंटरनेट का इस्तेमाल सिखाया है, बल्कि उन्हें आर्थिक स्वतंत्रता, आत्मविश्वास और नेतृत्व की ताकत दी है। जब कोई महिला अपनी उंगलियों से बैंकिंग, सरकारी योजनाओं का लाभ और छोटे व्यवसाय चला सकती है, तो वह अबला नहीं रहती—वह सशक्त नारी बन जाती है। तीन सालों में यह परियोजना सुपौल की सैकड़ों महिलाओं की जिंदगी बदल रही है, और मैं गर्व से कह सकती हूं कि ये डिजिटल सखियां अब गांव की असली लीडर हैं। महिलाओं का सशक्तिकरण ही समाज का सशक्तिकरण है—आइए, हम सब मिलकर इस क्रांति को और आगे बढ़ाएं!”

अधिवक्ता शक्ति कुमारी सारिका ने कहा, कि डिजिटल सखी परियोजना ग्रामीण महिलाओं एवं महिला उद्यमियों के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह परियोजना न केवल डिजिटल साक्षरता बढ़ा रही है, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर भी बना रही है। मैं इस पहल की सराहना करती हूं और इसे और व्यापक बनाने की आवश्यकता है।”

अंत में क्लस्टर कोऑर्डिनेटर जूली देवी ने सभी अतिथियों, डिजिटल सखियों एवं उपस्थित महिलाओं का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम का समापन किया। कार्यक्रम की सफलता में डिजिटल सखी कंचन झा का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

यह कार्यक्रम डिजिटल सखी परियोजना के तहत महिलाओं को डिजिटल इंडिया से जोड़ने और उन्हें उद्यमिता की ओर प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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