सुपौल। किशनपुर प्रखंड क्षेत्र के किशनपुर उत्तर पंचायत स्थित पीरगंज ईदगाह मैदान में एक दिवसीय विशाल जलसा का आयोजन किया गया। जलसे में दूर-दराज़ के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में बिहार, झारखंड, ओडिशा एवं पश्चिम बंगाल के अमीर-ए-शरीयत के आगमन को लेकर लोगों में विशेष उत्साह देखा गया। उनकी एक झलक पाने और विचार सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मैदान में जुटे।
कार्यक्रम की शुरुआत कारी रिजवान अहमद द्वारा खुतबा-ए-इस्तकबालिया पेश कर की गई। इसके बाद अमीर-ए-शरीयत ने अपने संबोधन में शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मुसलमानों को दीन की तालीम के साथ-साथ आधुनिक एवं दुनियावी शिक्षा भी प्राप्त करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज और राष्ट्र की तरक्की का आधार है तथा नई पीढ़ी को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।
उन्होंने नशाखोरी को समाज के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि नशा एक दीमक की तरह है, जो धीरे-धीरे पूरे समाज को खोखला कर देता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। जलसे में मौजूद उलेमाओं ने भी शिक्षा, सामाजिक सुधार और राष्ट्रीय एकता पर जोर दिया। इस अवसर पर मुफ्ती सईदुर्रहमान, मौलाना अबुल कलाम शम्शी, मुफ्ती अंजार कासमी, मुफ्ती वासी अहमद कासमी, मौलाना मिनहाज कासमी, काजी अबुल कासिम रहमानी तथा मुफ्ती रजी अहमद नदवी समेत कई विद्वानों ने अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम के दौरान एक दहेज-मुक्त निकाह भी संपन्न कराया गया, जिसके माध्यम से समाज को दहेज प्रथा के खिलाफ सकारात्मक संदेश दिया गया। वक्ताओं ने दहेज-मुक्त विवाह को सामाजिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। जलसे में मो. समद, डॉ. इमरान अहमद, डॉ. सफीउद्दीन, डॉ. गुफरान अहमद, मौलाना हामिद, अली अकबर, दिलशाद, खलील, मो. जब्बीर, मो. रियाजुद्दीन, मो. जियाउद्दीन सहित हजारों लोग उपस्थित रहे। शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुए इस कार्यक्रम को क्षेत्र में शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और सद्भावना का संदेश देने वाला महत्वपूर्ण आयोजन माना गया।

कोई टिप्पणी नहीं