सुपौल। त्रिवेणीगंज प्रखंड कृषि कार्यालय त्रिवेणीगंज के समक्ष शनिवार को बिहार राज्य किसान सलाहकार संघ के बैनर तले किसान सलाहकारों ने ईपीएफ राशि के कथित गबन मामले में आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने पर विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो मंगलवार को जिला मुख्यालय में लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा।
संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमन कुमार ने कहा कि सुपौल जिले के 158 किसान सलाहकारों की लगभग 1.20 करोड़ रुपये की ईपीएफ राशि के कथित गबन के मामले में एफआईआर संख्या 360/2026 दर्ज हुए 20 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि यह किसान सलाहकारों के भविष्य से जुड़ा मामला है।
डॉ. अमन कुमार ने कहा कि ईपीएफ कर्मचारियों के बुढ़ापे का सहारा होती है और कथित गबन के कारण किसान सलाहकारों को आर्थिक एवं मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि जिला कृषि पदाधिकारी के पत्रांक 332/आत्मा में भी गबन की पुष्टि की गई है तथा पुलिस से मामले में त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा जताई।
उन्होंने कहा कि किसान सलाहकार सरकार की योजनाओं को किसानों तक पहुंचाने का कार्य करते हैं और कोरोना काल में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि संगठन किसी प्रकार की सहायता नहीं, बल्कि अपने अधिकार की मांग कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक कथित गबन की राशि की वसूली और दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन में जिला सचिव पप्पू कुमार, पवन कुमार, योगेश कुमार, विमल कुमार, हेमंत कुमार, बमबम कुमार, अशोक कुमार, सुनील कुमार, अरविन्द कुमार, सुरेश सरदार, चंद्रप्रकाश भगत, रंजन कुमार, सुशील कुमार सहित बड़ी संख्या में किसान सलाहकार मौजूद रहे।

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