सुपौल। सीमावर्ती क्षेत्र कुनौली स्थित कन्या मध्य विद्यालय परिसर में सोमवार को कुनौली थाना पुलिस द्वारा स्कूली बच्चों के बीच बाल एवं मानव तस्करी रोकथाम को लेकर जागरूकता कक्षा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में थाना अध्यक्ष सत्यप्रकाश ने छात्र-छात्राओं को मानव तस्करी के खतरों और इससे बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी।
थानाध्यक्ष ने कहा कि आधुनिक समाज में मानव तस्करी एक गंभीर सामाजिक अपराध है, जिसका सबसे आसान शिकार मासूम बच्चे बनते हैं। उन्होंने बताया कि तस्कर गरीबी, अशिक्षा और लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर बच्चों को नौकरी, अच्छी शिक्षा या अन्य प्रलोभन देकर अपने जाल में फंसाने का प्रयास करते हैं।
उन्होंने बच्चों को बताया कि बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, मेलों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। इसके अलावा सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर भी तस्कर बच्चों को बहकाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में नहीं आना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत अपने अभिभावकों या नजदीकी पुलिस थाना को देनी चाहिए।
थानाध्यक्ष ने कहा कि जागरूकता ही बाल एवं मानव तस्करी पर रोक लगाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे स्वयं सतर्क रहें और अपने परिवार तथा समाज के अन्य लोगों को भी इस संबंध में जागरूक करें। कार्यक्रम के अंत में बाल एवं मानव तस्करी से जुड़े प्रश्नों के सही उत्तर देने वाले कई छात्र-छात्राओं को कॉपी एवं पेन देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर एएसआई महेंद्र, शिक्षक राजेश कुमार, विद्यालय के प्रधानाध्यापक मो. नौशाद, विद्यालय के छात्र-छात्राएं तथा पुलिस के अन्य जवान उपस्थित रहे।

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