सुपौल। समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में शुक्रवार को जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग एवं आईसीडीएस के पदाधिकारियों के साथ एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने कार्यक्रम के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कैंप मोड में विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि एनीमिया की समय पर पहचान, जांच, उपचार एवं पोषण संबंधी परामर्श प्रत्येक लक्षित लाभार्थी तक हर हाल में पहुंचना चाहिए।
डीएम ने कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए विस्तृत एक्शन प्लान तैयार करने तथा ग्राम पंचायत स्तर तक विशेष अभियान चलाकर अधिक से अधिक बच्चों, किशोरियों एवं गर्भवती महिलाओं की एनीमिया जांच और उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी विभागों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप नियमित प्रगति की समीक्षा करने तथा आवश्यकतानुसार संयुक्त रूप से जागरूकता और स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने को कहा।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अभियान का उद्देश्य केवल एनीमिया की जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी रोकथाम और प्रभावी उपचार सुनिश्चित करना भी है, ताकि एनीमिया के कारण किसी भी बच्चे, किशोरी या गर्भवती महिला की मृत्यु न हो। उन्होंने सभी संबंधित विभागों से इस अभियान को पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता एवं मिशन मोड में संचालित करने का आह्वान किया।
बैठक में उप विकास आयुक्त इन्द्रवीर कुमार, सिविल सर्जन डॉ. बाबू साहब झा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक-सह-जिला योजना समन्वयक बाल कृष्ण चौधरी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (आईसीडीएस) अंजु कुमारी तथा कार्यक्रम पदाधिकारी (शिक्षा) आलोक कुमार सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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