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किशनपुर : बाढ़ अनुसरण समिति की बैठक में तैयारियों की समीक्षा, 102 निजी नावों का हुआ निबंधन



सुपौल।। टीसीपी भवन किशनपुर में बुधवार को बाढ़ अनुसरण समिति की बैठक प्रखंड प्रमुख सुनीता कुमारी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के मुखिया एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मी मौजूद रहे। इस दौरान बाढ़ से निपटने की तैयारियों, नाव, स्वास्थ्य, पशु चारा, पेयजल, पॉलिथीन शीट, राहत सामग्री समेत अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।

बैठक में प्रखंड प्रमुख ने बताया कि तटबंध के अंदर स्थित बौराहा, नौआबाखर, मौजहा और दुवियाही पंचायत पूर्ण रूप से बाढ़ प्रभावित हैं। वहीं परसामाधो, कटहारा-कदमपुरा, किशनपुर उत्तर, किशनपुर दक्षिण एवं शिवपुरी पंचायत आंशिक रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में शामिल हैं।

बीडीओ पिंकी कुमारी ने कहा कि उन्होंने सभी बाढ़ आश्रय स्थलों का निरीक्षण किया है और सभी मुखियाओं के साथ लगातार समन्वय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि बाढ़ से संबंधित किसी भी प्रकार की परेशानी या सूचना मोबाइल के माध्यम से तत्काल साझा करें, ताकि इसकी जानकारी वरीय अधिकारियों तक पहुंचाकर आवश्यक कार्रवाई कराई जा सके।

प्रभारी सीओ जियाउल कमर ने बताया कि प्रखंड क्षेत्र में फिलहाल एक भी सरकारी नाव उपलब्ध नहीं है। हालांकि 102 निजी नावों का निबंधन किया गया है। मुखिया एवं पंचायत समिति सदस्यों की अनुशंसा के आधार पर आवश्यकता के अनुसार नाव की बहाली की जाएगी। उन्होंने बताया कि अभी तक किसी नाव की बहाली नहीं हुई है। जरूरत पड़ने पर संबंधित जनप्रतिनिधि द्वारा मांग किए जाने पर नाव उपलब्ध कराई जाएगी।

स्वास्थ्य प्रबंधक अभिलाष कुमार वर्मा ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न स्थानों पर स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं। परसामाधो, थरबिट्टा कोसी बांध, खखई कोसी बांध, मौजहा एवं नौआबाखर में कैंप संचालित हैं। दिग्घिया-दुवियाही में भी स्वास्थ्य शिविर लगाने पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को प्रसव की संभावित तिथि से करीब चार दिन पहले अस्पताल बुला लिया जाता है, ताकि आपात स्थिति से बचा जा सके।

बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों की भी समीक्षा की गई। जानकारी दी गई कि बांध के अंदर 52 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। हालांकि इन केंद्रों पर बच्चों की उपस्थिति के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी। इस पर पूर्व प्रमुख ने अगली बैठक में सीडीपीओ को उपस्थित रहने का सुझाव दिया।

पशु चिकित्सक डॉ. संजय कुमार ने बताया कि पशुओं के लिए आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं तथा पशु चारा की भी कमी नहीं होने दी जाएगी। वहीं पेयजल व्यवस्था की जानकारी देने के लिए संबंधित अधिकारी या कर्मी बैठक में मौजूद नहीं थे, जिसके कारण इस संबंध में विस्तृत जानकारी नहीं मिल सकी।

अंचल कर्मी ने बताया कि महाजाल उपलब्ध नहीं है। प्रभारी सीओ ने बताया कि क्षेत्र में 75 लाइफ जैकेट और एक क्षतिग्रस्त मोटरबोट उपलब्ध है। चार मोटरबोट की मांग को लेकर जिला को अधियाचना भेजी गई है। साथ ही बाढ़ की स्थिति में त्वरित सूचना एवं समन्वय के लिए कंट्रोल रूम चालू करने को कहा गया।

उन्होंने बताया कि प्रभावित लोगों के बीच पॉलिथीन शीट का वितरण किया गया है। अब तक 10,500 पॉलिथीन शीट प्राप्त हुई हैं, जबकि 25,000 शीट की मांग की गई है। सूखा राशन जिला से प्राप्त होने के बाद प्रभावित लोगों के बीच उसका वितरण किया जाएगा।

बैठक में बीएओ प्रवीण कुमार को बाढ़ से प्रभावित फसलों का आकलन कराने का निर्देश दिया गया, ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार लाभ मिल सके। वहीं राजस्व कर्मियों को जांच के बाद कटाव से पीड़ित लोगों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। बैठक में मुखिया दशरथ प्रसाद साह, बालकृष्ण प्रसाद, बद्री प्रसाद मंडल, उमेश पासवान, एलएस कविता कुमारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं कर्मी मौजूद रहे।

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