सुपौल। बिहार बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ. अमरदीप ने शनिवार को अपने सुपौल भ्रमण कार्यक्रम के दौरान समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न बाल देखरेख संस्थानों का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं बच्चों के संरक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए आवश्यक सुधार एवं सुदृढ़ीकरण के लिए सुझाव भी दिए।
भ्रमण की शुरुआत जिला बाल संरक्षण इकाई, सुपौल से हुई, जहां सहायक निदेशक ने बाल अधिकार पुस्तिका एवं बाल अधिकार संरक्षण से संबंधित प्रमुख कानूनों की पुस्तक भेंट कर उनका स्वागत किया। इस दौरान आयोग अध्यक्ष ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की तथा जिले में बाल अधिकार संरक्षण के क्षेत्र में सरकार की पहलों की सराहना की।
इसके बाद उन्होंने विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान एवं चाइल्ड हेल्पलाइन का निरीक्षण किया। चाइल्ड हेल्पलाइन में पिछले एक वर्ष के दौरान प्राप्त मामलों और उन पर की गई कार्रवाई की समीक्षा करते हुए उन्होंने कर्मियों को बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए तत्परता से कार्य करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया। वहीं विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान के माध्यम से दत्तक ग्रहण मामलों के त्वरित निष्पादन पर संतोष व्यक्त किया गया।
निरीक्षण के क्रम में अध्यक्ष ने चैनसिंहपट्टी स्थित वृहद आश्रय गृह का भी दौरा किया, जहां संचालित दो बाल गृहों में रह रहे बच्चों से संवाद किया। बच्चों के लिए उपलब्ध आवास, शिक्षा, भोजन एवं अन्य सुविधाओं का जायजा लेते हुए उन्होंने सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं पर संतोष जताया। इस अवसर पर बच्चों ने हरित पौधा भेंट कर उनका स्वागत किया तथा कुछ बच्चों ने अपनी गायन प्रतिभा का भी प्रदर्शन किया।
इसके बाद सुखपुर स्थित पर्यवेक्षण गृह का निरीक्षण करते हुए डॉ. अमरदीप ने वहां रह रहे बच्चों को जीवन में सकारात्मक सोच अपनाकर एक जिम्मेदार और अच्छा नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों के पुनर्वास, संरक्षण और बेहतर भविष्य के लिए लगातार प्रयासरत है और उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाकर बच्चे अपने जीवन को नई दिशा दे सकते हैं।
भ्रमण के दौरान आयोग अध्यक्ष ने जिले के चारों बाल देखरेख संस्थानों को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक संसाधनों एवं व्यवस्थाओं पर अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा एवं उनके सर्वांगीण विकास के लिए सरकार हरसंभव प्रयास करती रहेगी और आवश्यकताओं की समय पर पूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

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