सुपौल। अब शहर से लेकर पंचायत स्तर तक शिक्षा का अलख जग रहा है। आम लोगों की सोच में बदलाव के साथ ही अब छात्राओं की पढ़ाई को लेकर समाज के हर वर्ग के लोग आगे आ रहे हैं। इसी कड़ी में निर्मली अनुमंडल के मझारी (मुहम्मदपुर) वार्ड संख्या 5 में जामिया रुकैया लील बनात एजुकेशन वेलफेयर ट्रस्ट की शुरुआत की गई है। इसका उद्देश्य इस सुदूर और सुविधाविहीन क्षेत्र की बेटियों को शिक्षा से वंचित होने से बचाना है।
इस आवासीय ट्रस्ट के माध्यम से न केवल स्थानीय मुस्लिम छात्राओं को बल्कि सहरसा, सुपौल सहित अन्य जिलों की छात्राओं को भी पढ़ाई के साथ कौशल प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा। ट्रस्ट के हेड मौलाना कारी अब्दुल्लाह कमर ने बताया कि शिक्षा की महत्ता को देखते हुए इसे खासकर मुस्लिम लड़कियों की पढ़ाई हेतु खोला गया है। फिलहाल यहां 116 छात्राओं का नामांकन हो चुका है। वे यहाँ रहकर अलमियात, मैट्रिक की पढ़ाई कर रही हैं।
ट्रस्ट परिसर में छात्राओं के लिए वाशिंग मशीन, सिलाई जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही विभिन्न स्तरों पर अन्य प्रकार के कौशल प्रशिक्षण देने की तैयारी भी की जा रही है। मौलाना अब्दुल्लाह कमर ने बताया कि अच्छे मौलवियों (शिक्षकों) की देखरेख में पठन-पाठन का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है और धीरे-धीरे दूर-दराज के छात्राओं का रुझान भी यहाँ बढ़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के ट्रस्ट की इस क्षेत्र में लंबे समय से आवश्यकता थी। अब इसके खुलने से बेटियों की शिक्षा को नया आयाम मिलेगा और आने वाली इच्छुक छात्राओं का भी स्वागत किया जाएगा।
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