Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Classic Header

{fbt_classic_header}

Breaking News

latest

पिपरा : बेला नगर में श्रीमद् भागवत कथा का समापन, सुदामा चरित्र से मिली सच्ची मित्रता और भक्ति की सीख


सुपौल। पिपरा प्रखंड क्षेत्र के निर्मली पंचायत अंतर्गत बेला नगर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिन अयोध्या धाम से पधारी कथावाचिका साध्वी बिन्दु शास्त्री ने भावपूर्ण प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को ज्ञान और भक्ति का संदेश दिया। अंतिम दिन कथा पंडाल श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से खचाखच भरा रहा और पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।

अपने प्रवचन में साध्वी बिन्दु शास्त्री ने सुदामा चरित्र का मार्मिक वर्णन करते हुए सच्ची मित्रता, प्रेम, निस्वार्थ भाव और भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि सच्चा मित्र वही होता है, जो विपरीत परिस्थितियों में भी साथ न छोड़े। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा सुदामा के चरण धोकर मित्रता का सर्वोच्च उदाहरण प्रस्तुत किया गया, जो आज के समाज के लिए भी प्रेरणादायी है।

साध्वी जी ने कहा कि प्रभु प्रेम में किसी भौतिक सामग्री का महत्व नहीं होता, बल्कि भाव की शुद्धता ही सबसे बड़ा साधन है। यदि भक्त का भाव सच्चा हो, तो भगवान स्वयं दौड़े चले आते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से सांसारिक मोह त्यागकर सत्कर्मों और भक्ति के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

कथावाचिका ने राजा परीक्षित का उदाहरण देते हुए बताया कि जिस प्रकार सात दिनों के भागवत कथा श्रवण से उन्हें मृत्यु के भय से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति हुई, उसी प्रकार भागवत कथा का श्रवण जीवन के सभी दुखों को दूर करता है। उन्होंने सुख-दुख के चक्र से ऊपर उठकर भगवान की भक्ति करने तथा समाज में प्रेम, समरसता और समानता का भाव फैलाने का संदेश दिया।

कथा के समापन पर विधिवत रूप से व्यास पीठ की पूजा, महाआरती एवं महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिरस में सराबोर हो गया। श्रद्धालुओं को नियमित सत्संग करने और अपने दैनिक जीवन में भागवत के सिद्धांत—सत्य, दया, तप और पवित्रता—को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

कोई टिप्पणी नहीं