सुपौल। सुपौल थाना कांड संख्या 22/19 एवं पॉक्सो वाद संख्या 21/19 से जुड़े नाबालिग पीड़िता दुष्कर्म प्रकरण में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश षष्ठम सह विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) संतोष कुमार दुबे की अदालत ने शुक्रवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी छोटू साह उर्फ छोटू कुमार, निवासी फुलवरिया, थाना किशनपुर, को भादवि की धारा 376(2) एवं पॉक्सो अधिनियम की धारा 4(2) के तहत 23 वर्ष का सश्रम कारावास तथा 50 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना राशि पीड़िता को दी जाएगी। जुर्माना नहीं देने पर 6 माह अतिरिक्त कारावास का प्रावधान रखा गया है।
कोर्ट ने आरोपी को अन्य धाराओं में भी दोषी पाते हुए निम्नानुसार सजा दी। धारा 341: 1 माह साधारण कारावास + 500 रुपये जुर्माना (अदा न करने पर 15 दिन अतिरिक्त कारावास) धारा 323: 1 वर्ष सश्रम कारावास + 1000 रुपये जुर्माना (न देने पर 1 माह अतिरिक्त कारावास), धारा 504: 2 वर्ष सश्रम कारावास + 5000 रुपये जुर्माना (न देने पर 2 माह अतिरिक्त कारावास), धारा 506: 2 वर्ष सश्रम कारावास + 5000 रुपये जुर्माना (न देने पर 2 माह अतिरिक्त कारावास), धारा 509: 3 वर्ष सश्रम कारावास की सजा दी। अदालत ने सभी सजाओं को साथ-साथ चलने का आदेश दिया है।
साक्ष्यों के अभाव में सह-आरोपी अमला देवी, विनोद साह, जितेंद्र साह, रविन्द्र साह, रीना देवी और भूमि साह को कोर्ट ने बरी कर दिया। अदालत ने पीड़िता के लिए 3.5 लाख रुपये मुआवजा निर्धारित किया है। मामले में अभियोजन पक्ष द्वारा 11 गवाह, जबकि बचाव पक्ष ने 4 गवाह प्रस्तुत किए।
अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक नीलम कुमारी ने पैरवी की, वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता शंभूनाथ झा और केदार झा ने दलीलें दीं। आरोपी को अदालत ने 20 नवंबर 2025 को दोषी करार दिया था। वह 21 अक्टूबर 2019 को कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था तथा 2 जून 2020 को जमानत पर रिहा हुआ था।

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