सुपौल। जिले के लौकहा थाना कांड संख्या 24/2024 एवं पॉक्सो वाद संख्या 67/2024 में नाबालिग पीड़िता के अपहरण से जुड़े मामले में गुरुवार, 26 फरवरी 2026 को अदालत ने अहम फैसला सुनाया। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश षष्ठम सह विशेष न्यायाधीश पॉक्सो संतोष कुमार दुबे की अदालत ने आरोपी अनिल कुमार (उम्र 22 वर्ष, पिता दिनेश शर्मा, निवासी अमहा वार्ड संख्या 02, थाना व जिला सुपौल) तथा शशि शर्मा (उम्र 31 वर्ष, पिता अशोक शर्मा, निवासी पथरा वार्ड संख्या 02, थाना पिपरा, जिला सुपौल) को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
अदालत ने दोनों आरोपियों को भादवि की धारा 366 एवं 366(ए) के तहत 9 वर्ष के कठोर कारावास तथा 25-25 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अतिरिक्त धारा 363 के तहत 7 वर्ष का कठोर कारावास एवं 25-25 हजार रुपये जुर्माना की सजा दी गई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। ट्रायल के दौरान जेल में बिताई गई अवधि को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 428 के तहत समायोजित किया जाएगा।
गौरतलब है कि अदालत ने 24 फरवरी 2026 को दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया था। मामले में कुल 12 गवाहों ने न्यायालय में गवाही दी। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक नीलम कुमारी ने पक्ष रखा, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता प्रवीण मेहता ने दलीलें प्रस्तुत कीं। इस मामले में नामजद अन्य चार अभियुक्त—अशोक शर्मा, लक्ष्मी कुमारी, ननकी देवी एवं कंचन देवी—को साक्ष्य के अभाव में अदालत ने रिहा कर दिया।

कोई टिप्पणी नहीं