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भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी की दोहरी सफलता, ₹1.44 लाख की नकदी जब्त, नाबालिग बालिका को कराया गया रेस्क्यू



सुपौल। भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी, मानव तस्करी एवं अन्य अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे सतत निगरानी अभियान के तहत 45वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल को दो अलग-अलग मामलों में बड़ी सफलता मिली है। सीमा चौकी कुनौली क्षेत्र में एक व्यक्ति के पास से ₹1.44 लाख से अधिक की भारतीय मुद्रा बरामद की गई, जबकि सीमा चौकी शैलेशपुर के जवानों ने एक नाबालिग बालिका को सुरक्षित रेस्क्यू कर संभावित मानव तस्करी की घटना को विफल कर दिया।

45वीं वाहिनी के कमांडेंट गौरव सिंह ने बताया कि सीमा सुरक्षा एवं तस्करी निरोधक अभियान के तहत सीमा चौकी कुनौली द्वारा चेक पोस्ट संख्या-02 एवं सीमा स्तंभ संख्या-223 के निकट विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान नेपाल से भारत की ओर पैदल आ रहे एक संदिग्ध व्यक्ति को रोककर उसकी तलाशी ली गई। पूछताछ में उसने अपनी पहचान इनामुल मियां, निवासी ग्राम ब्रह्मत्तर छत्रा, जिला कूचबिहार (पश्चिम बंगाल) के रूप में बताई। तलाशी के दौरान उसके बैग से ₹1,44,600 की भारतीय मुद्रा बरामद हुई।

आरोपी बरामद राशि के संबंध में कोई वैध दस्तावेज या संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद एसएसबी ने पूरी राशि जब्त कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए स्थल सीमा शुल्क कार्यालय, कुनौली (कस्टम) को सौंप दिया। 

दूसरी कार्रवाई में 24 जून 2026 को लगभग 11:30 बजे सीमा चौकी शैलेशपुर के चेक पोस्ट पर नियमित जांच के दौरान जवानों ने भारत से नेपाल जा रहे एक युवक और एक नाबालिग बालिका को संदेह के आधार पर रोककर पूछताछ की। युवक ने अपना नाम रितेश कुमार, निवासी ग्राम अभंडा, थाना अब्दुल्लापुर, जिला दरभंगा बताया। पूछताछ के दौरान यह मामला प्रेम संबंध के नाम पर नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर नेपाल ले जाने से जुड़ा प्रतीत हुआ। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसएसबी जवानों एवं एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बालिका को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।

आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बालिका को आगे की कार्रवाई के लिए भीमनगर थाना को सुपुर्द कर दिया गया। इस अभियान में निरीक्षक (सामान्य) राघव कुमार झा, सहायक उप निरीक्षक भूपेन डेका, एएचटीयू के सहायक उप निरीक्षक भारत भूषण सहित अन्य एसएसबी कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

कमांडेंट गौरव सिंह ने कहा कि 45वीं वाहिनी एसएसबी भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी, मानव तस्करी एवं अन्य सीमा-पार अपराधों की रोकथाम के लिए पूरी सतर्कता और पेशेवर दक्षता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।

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