सुपौल। अभियंत्रण महाविद्यालय सुपौल के विद्युत अभियंत्रण विभाग द्वारा आयोजित एक सप्ताह की राष्ट्रीय कार्यशाला “एम्पावरिंग द फ्यूचर : पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स एंड एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स” का द्वितीय दिवस सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। यह कार्यशाला Bihar Council on Science & Technology के प्रायोजन में आयोजित की जा रही है।
कार्यक्रम की शुरुआत सुपौल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के प्रकाश कुमार के तकनीकी व्याख्यान से हुई। उन्होंने इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में पावर इलेक्ट्रॉनिक्स कन्वर्टर के अनुप्रयोग, डीसी-डीसी कन्वर्टर्स की डिज़ाइन तथा उच्च प्रदर्शन वाले चार्जिंग सिस्टम की आवश्यकता पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने डीसी-डीसी कन्वर्टर्स की विभिन्न टोपोलॉजी, स्विचिंग तकनीक, पावर लॉस में कमी एवं थर्मल मैनेजमेंट जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला। साथ ही इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बढ़ती मांग और ऊर्जा दक्षता की आवश्यकता पर भी चर्चा की। इस सत्र से विद्यार्थियों को नवीन तकनीकी शोध और व्यावहारिक अनुप्रयोगों की महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
द्वितीय सत्र में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मेघालय के श्री माधव कुमार ने सौर ऊर्जा प्रणालियों के लिए उच्च क्षमता वाले पावर इलेक्ट्रॉनिक कन्वर्टर डिज़ाइन एवं इंटेलीजेंट एमपीपीटी तकनीक पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि आधुनिक पावर इलेक्ट्रॉनिक्स तकनीकें ऊर्जा संरक्षण के साथ-साथ सतत विकास और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रही हैं। उनका सत्र विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक रहा।
तृतीय सत्र में सैंडिप यूनिवर्सिटी, सिजौल की श्रीमती पूजा झा ने लोड फ्रीक्वेंसी कंट्रोल, जनरेशन कंट्रोल तथा दो क्षेत्रों के बीच टाई-लाइन पावर फ्लो जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने उद्योग और अकादमिक क्षेत्र में उपलब्ध करियर अवसरों पर विशेष जोर देते हुए विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
अंतिम सत्र में सुपौल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के श्री ओम प्रकाश दुबे द्वारा इंटीग्रेटेड सर्किट डिज़ाइन एवं प्रोटियस सॉफ्टवेयर का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को सर्किट डिज़ाइन, सिमुलेशन तकनीक एवं प्रोजेक्ट विकास से जुड़ी अहम जानकारियाँ दी गईं। छात्रों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।

कोई टिप्पणी नहीं